जैसलमेर जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र लाभार्थियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। इस दिशा में रसद विभाग ने गिव-अप अभियान तेज कर दिया है, जो 31 जनवरी तक जारी रहेगा।
जैसलमेर जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र लाभार्थियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। इस दिशा में रसद विभाग ने गिव-अप अभियान तेज कर दिया है, जो 31 जनवरी तक जारी रहेगा। अभियान के तहत अपात्र लाभार्थियों को स्वेच्छा से अपना नाम हटाने का अवसर दिया जा रहा है। नाम हटाने वालों पर किसी भी तरह की वसूली नहीं होगी, लेकिन 31 जनवरी के बाद विभाग ऐसे लोगों से 27 रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं की वसूली की जाएगी। जिला रसद अधिकारी रामसिंह मीणा के अनुसार योजना के तहत पात्रता की जांच आधुनिक तकनीकों से की जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिसमें उपभोक्ताओं के बैंक खातों, परिवहन विभाग और अन्य सरकारी आंकड़ों का मिलान किया जाएगा। ऐसे सभी व्यक्ति जो आयकरदाता, सरकारी या अद्र्ध-सरकारी कर्मचारी, स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारी, 1 लाख रुपए से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय या परिवार में चौपहिया वाहन, ट्रैक्टर अथवा वाणिज्यिक वाहन रखने वाले हैं, उन्हें अपात्र घोषित किया जाएगा।
गिव-अप अभियान का असर अब नजर आने लगा है। जिले में अब तक 329 कार्डधारकों ने अपनी पात्रता स्वेच्छा से छोड़ दी है। इसके लिए राशन की दुकानों पर गिव-अप फॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं। इच्छुक व्यक्ति निकटतम राशन दुकान पर फॉर्म भरकर जमा करा सकेंगे। विभाग के अनुसार अंतिम तिथि के बाद अपात्रों पर कार्रवाई तेज होगी। योजना का लाभ सिर्फ जरूरतमंदों तक सीमित रखना उनकी प्राथमिकता है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल खाद्य सुरक्षा योजना में पारदर्शिता लाना है, बल्कि उन जरूरतमंद परिवारों को भी प्राथमिकता देना है, जो वाकई में इस योजना के हकदार हैं।