जैसलमेर

jaisalmer: तीन साल बाद बना संयोग: इस बार 10 दिनों तक होगी देवी आराधना

जैसलमेर में शारदीय नवरात्र के आगमन के साथ ही भक्ति और उत्सव का माहौल बनने लगा है। विशेष योग-संयोग के बीच मंदिरों में पूजा-अर्चना और बाजारों में खरीदारी की रौनक बढ़ने की उम्मीद है। वाहन खरीद से लेकर गृह प्रवेश और नए कारोबार की शुरुआत तक, शुभ कार्यों के लिए भी लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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Oct 09, 2026
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जैसलमेर. विशेष योग-संयोग में आगामी रविवार से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी। मां अंबे के स्वागत में शहर के बाजार भी सजे नजर आएंगे। देवी मंदिरों में शक्ति की भक्ति का दौर शुरू होगा। श्रद्धालु व्रत रखकर नौ देवियों की आराधना करेंगे। इस बार सप्तमी तिथि दो दिन रहने से नवरात्र 10 दिन के होंगे। व्यापारियों के मुताबिक शुभ योगों में खरीदारी में तेजी से बाजारों में उत्सवी माहौल रहेगा। वाहन शोरूमों पर भी दुपहिया, चौपहिया वाहनों की बुकिंग भी हो चुकी है।

शुभ कार्यों की भी शुरुआत

नवरात्र में गृह प्रवेश, जगीन, गकान, वाहन खरीद, इलेक्ट्रॉनिक सामान, व्यापारिक शुरुआत और अन्य शुभकार्यों का सिलसिला भी तेज होगा। इसके लिए शहर के कई परिवार पहले से मुहूर्त देखकर तैयारियां कर चुके हैं। त्योहारी सीजन में कारोबार को अच्छी रफ्तार मिलने का अनुमान है। रवि, सर्वार्थसिद्धि व अमृतसिद्धि योग में शुभ कार्य और खरीदारी समृद्धिदायक रहेगी। मां अंबे के हाथी पर आगमन से वित्तीय व्यवस्था, अर्थ और न्याय व्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में समय के साथ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यह धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता पर आधारित व्याख्या है। नवरात्र पर शहर के गोपा चौक, सदर बाजार, आसनी पथ, गुलासतला, गांधी चौक, हनुमान चौराहा आदि क्षेत्र में स्थित बाजारों में सजावट नजर आएगी। इन स्थानों पर लाइटिंग व आर्टिफिशियल फ्लावर से डेकोरेशन किया जाएगा।

कल शुभ मुहूर्त में होगी घट स्थापना

शारदीय नवरात्र पर्व 11 से 20 अक्टूबर तक आयोजित होगा। रविवार को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 9 बजकर 37 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक है। नवरात्र व्रत आरंभ करते समय सर्वप्रथम गणपति, मातृ का, लोकपाल, नवग्रह और वरुण पूजन व देवी का वेद विधि से पूजन अवश्य करें। नवरात्रि काल में महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती का पूजन व सप्तशती का पाठ मुख्य है। अभीष्ट कार्य की सिद्धि के लिए विधिपूर्वक नवरात्र व्रत करके दशांश हवन व ब्राह्मण भोजन अवश्य करना चाहिए।

- उमेश आचार्य, ज्योतिषाचार्य, जैसलमेर

Updated on:
09 Oct 2026 08:37 pm
Published on:
09 Oct 2026 08:36 pm