लंबे इंतजार के बाद जैसलमेर और बाड़मेर के हजारों निवासियों के लिए राहत भरी खबर आई है। केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-70 और राष्ट्रीय राजमार्ग-11 के विस्तार और मजबूतीकरण के लिए 1237.71 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक और पर्यटन विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गौरतलब है कि वर्ष 2019 से राष्ट्रीय मरु उद्यान के नियमों के कारण यह सडक़ परियोजना लंबित थी। एनएचएआइ को वन्यजीव बोर्ड की अनुमति का इंतजार करना पड़ा, जिसके चलते लागत बढक़र 872 करोड़ से 1237.71 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। अब सभी आवश्यक मंजूरियों के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल साइट एक्स पर इस संबंध में जानकारी साझा की है।
लंबे इंतजार के बाद जैसलमेर और बाड़मेर के हजारों निवासियों के लिए राहत भरी खबर आई है। केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-70 और राष्ट्रीय राजमार्ग-11 के विस्तार और मजबूतीकरण के लिए 1237.71 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक और पर्यटन विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गौरतलब है कि वर्ष 2019 से राष्ट्रीय मरु उद्यान के नियमों के कारण यह सडक़ परियोजना लंबित थी। एनएचएआइ को वन्यजीव बोर्ड की अनुमति का इंतजार करना पड़ा, जिसके चलते लागत बढक़र 872 करोड़ से 1237.71 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। अब सभी आवश्यक मंजूरियों के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल साइट एक्स पर इस संबंध में जानकारी साझा की है।
यह सडक़ निर्माण भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत जैसलमेर से म्याजलार और मुनाबाव से तनोट तक के मार्गों को जोड़ेगा। साथ ही, यह राष्ट्रीय राजमार्ग-25 और राष्ट्रीय राजमार्ग-68 के साथ भी संपर्क स्थापित करेगा, जिससे क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
सडक़ परियोजना के तहत खुहड़ी और अन्य पर्यटन स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे जैसलमेर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, सीमा सुरक्षा बलों के लिए यह सडक़ रणनीतिक रूप से अहम होगी, क्योंकि इससे सैनिकों की सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच तेज होगी।
सीमा क्षेत्र को जोडऩे की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठनों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने लगातार प्रयास किए।
भारतमाला प्रोजेक्ट के अंतर्गत जैसलमेर-म्याजलार और बाड़मेर के सुंदरा से म्याजलार तक के लिए सडक़ निर्माण के लिए राशि आवंटित कर दी गई है। अब टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पर्यटन और सामरिक दोनों दृष्टियों से इस अत्यंत महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए हमारे संगठन की तरफ से निरंतर प्रयास किए गए। खुशी की बात है कि, हजारों ग्रामीणों के जीवन में परिवर्तन लाने वाली सडक़ परियोजना पूरी होने जा रही है।