जैसलमेर

राजस्थान की सरकारी स्कूलों में प्रार्थना के बाद बच्चों को मिलेगा यह पौष्टिक आहार!

सरकारी विद्यालय के इन बच्चों को मिलेगा दूध का आहार, अन्नपूर्णा दूध योजना की आवश्यक तैयारियां पूर्ण सोमवार से विद्यालयों में पिलाया जायेगा दूध।
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Jaisalmer Patrika
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जैसलमेर. राज्य सरकार की ओर से सरकारी विद्यालयों मे पढऩे वाले पहली से आठवीं तक की कक्षा में पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में तीन दिन दूध पिलाने की व्यवस्था कर ली गई है और अब दो जुलाई से विद्यालयों में बच्चों को दूध पिलाया जाना शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले जिला मुख्यालय एवं पंचायत समिति मुख्यालयों पर समारोह आयोजित कर अन्नपूर्णा दूध योजना का आगाज समारोह पूर्वक किया जाएगा। समारोह सोमवार को आयोजित होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक ने बताया कि मुख्यमंत्री के वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट अभिभाषण में मिड-डे-मील योजना के तहत सभी राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों मदरसों, स्पेशल ट्रेनिंग सेन्टर में अध्ययनरत पहली से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को 2 जुलाई से सप्ताह में तीन बार दूध का आहार दिया जाएगा।

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जिला शिक्षाधिकारी के अनुसार शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में सोमवार, बुधवार, शुक्रवार अथवा मंगलवार, गुरूवार, शनिवार को दूध का पोषाहार प्रार्थना सभा के बाद पिलाया जाएगा। उन्होनें कहा कि 2 जुलाई को योजना का विधिवत शुभारभ्भ जिला मुख्यालय व ब्लॉक मुख्यालय पर और ग्राम पंचायत स्तर पर स्थित बड़े राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में समारोह आयोजित कर योजना का शुभारंभ किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि योजना के शुभारभ्भ के दिन 2 जुलाई को प्रत्येक विद्यालय में विशेष पेरेन्ट्स टीचर मीटिंग का आयोजन और इसके बाद 9 जुलाई तक प्रत्येक विद्यालय में दूध योजना सप्ताह मनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि कक्षा प्रथम से पांचवी तक के छात्रों को 150 एमएल एवं कक्षा छठी से आठवीं तक छात्रों को 200 एमएल दूध दिया जायेगा। उन्होनें बताया कि एसएमसी की ओर से क्रय किए गए दूध का भुगतान सम्बन्धित आपूर्तिकत्र्ता को चैक या बैंक खाते में राशि हस्तांतरित कर किया जायेगा, वही दूध गर्म करने के लिए आवश्यक बर्तनों आदि के लिए सम्बन्धित विद्यालयों को पच्चीस सौ रूपयों की राशि का आवंटन किया गया है। क्रय किये गये दूध की जांच विद्यालय स्तर पर लेक्टोमीटर से की जायेगी, वही दूध में यूरिया, स्टार्च या अन्य कोई रसायन नहीं मिला हो तो इसके लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या खाद्य सुरक्षा निरीक्षक की ओर से समय-समय पर जांच की जायेगी। लेक्टोमीटर विद्यालय स्तर पर ही क्रय किये जायेंगे। विद्यार्थियों को दूध पिलाए जाने से पूर्व प्रतिदिन एवं अध्यापक व एवं विद्यार्थी के अभिभावक या एसएमसी के सदस्य की ओर से पोषाहार की भांति दूध को चखा जायेगा और इसका रजिस्ट्रर भी संधारित किया जाएगा। इसके साथ ही अतिरिक्त प्रत्येक विद्यालय में पोषाहार मेन्यू को विद्यालय के मुख्य स्थान पर पेन्ट से अंकित करवाया जायेगा।

Updated on:
30 Jun 2018 06:28 pm
Published on:
30 Jun 2018 06:28 pm