जैसलमेर

Jaisalmer: सोलर पैनल की चपेट में आए दादा-पोते, बुजुर्ग की मौत, बच्चे जोधपुर रेफर

जैसलमेर में शनिवार शाम तेज हवाओं के साथ आई बारिश के दौरान गांधी कॉलोनी में एक होटल की छत से सोलर पैनल उखड़कर गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में स्कूटी सवार बुजुर्ग सौभाग्यमल खत्री की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि उनके दो पोते गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना में एक गाय की भी मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
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Jul 05, 2026
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गांधी कॉलोनी क्षेत्र में हुआ हादसा

जैसलमेर. जैसलमेर में गत शनिवार शाम तेज हवाओं के साथ आई बारिश एक हंसते-खेलते परिवार को गमगीन कर दिया। अपने दो छोटे-छोटे पोतों को लेकर घर से बाहर निकले बुजुर्ग के ऊपर गांधी कॉलोनी में एक होटल की छत पर लगा सोलर पैनल तेज हवा में उखडकऱ आ गिरा। स्कूटी से गुजर रहे खत्री पाड़ा निवासी सौभाग्यमल खत्री उर्फ सुभाष (करीब 60) पुत्र नखतमल और उनके दो पोते संयम (4) व वंश (2) इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद सौभाग्यमल खत्री की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि दोनों बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद अग्रिम इलाज के लिए जोधपुर रेफर किया गया। सोलर प्लेटों की मार से सडक़ पर खड़ी एक गाय की भी मौत हो गई। इससे पहले लोगों ने घायलों को जिला चिकित्सालय पहुंचाया। रविवार सुबह सौभाग्यमल खत्री के शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंपा गया। जिनका शाम के समय समाज के श्मशान स्थल पर अंतिम संस्कार किया गया। खत्री समाज के अधिकांश लोगों ने प्रतिष्ठान बंद रख कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

लोहे के पैनल की चपेट में आए

जानकारी के अनुसार तेज हवा में उड़ कर आए सोलर प्लेट के लोहे के पैनल सौभाग्यमल खत्री के ऊपर गिर गए। इससे उनके जबड़े और सिर में गंभीर चोटें आई और शरीर के कई हिस्सों में अंदरूनी चोटें भी लगी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके दोनों पोतों को जवाहिर चिकित्सालय से जोधपुर रेफर कर दिया गया। जहां एम्स में उनका उपचार किए जाने की सूचना है। इस हादसे में सडक़ किनारे खड़ी एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पहले मौके और बाद में अस्पताल में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

अव्यवस्थाओं पर जताया रोष

हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे लोगों ने अस्पताल में अव्यवस्थाएं होने का आरोप लगाते हुए रोष जताया और कहा कि अस्पताल में विगत कई वर्षों से घायलों को जोधपुर ले जाने के लिए सरकारी एम्बुलेंस तक की व्यवस्था नहीं है। एम्बुलेंस में घायल के साथ जाने के लिए नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था भी संबंधित पक्ष को अपने स्तर पर करनी पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आए दिन इस तरह की अव्यवस्थाओं के शिकार होते हैं।

Updated on:
05 Jul 2026 08:42 pm
Published on:
05 Jul 2026 08:42 pm