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Jaisalmer: सेवण घास चारागाह में भीषण आग, बारिश बनी राहत, बड़ा नुकसान टला

लाठी के मरुस्थलीय क्षेत्र में सेवण घास से विकसित चारागाह शनिवार देर रात अचानक भीषण आग की चपेट में आ गया। हाइटेंशन लाइन में स्पार्किंग से निकली चिंगारी और तेज हवाओं के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। करीब 7–8 बीघा क्षेत्र में फैली आग से वनस्पति व पौधों को भारी नुकसान हुआ, ग्रामीणों और पुलिस ने आग बुझाने के प्रयास किए।
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सेवण घास चारागाह में लगी आग से जली घास व पौधें

लाठी ( जैसलमेर ). लाठी कस्बे में मरुस्थलीय वानस्पतिक संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के उद्देश्य से ग्राम पंचायत की ओर से विकसित सेवण घास चारागाह शनिवार देर रात भीषण आग की चपेट में आ गया। रात करीब नौ बजे अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चारागाह के ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन विद्युत लाइन में हुई स्पार्किंग से निकली चिंगारी सूखी सेवण घास पर गिर गई। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते करीब सात से आठ बीघा क्षेत्र इसकी चपेट में आ गया।

आग की लपटों ने चारागाह में उगी सेवण घास, वानस्पतिक झाड़ियों तथा अनेक पौधों को अपनी चपेट में लेकर भारी नुकसान पहुंचाया। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दिखाई देने पर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्राम पंचायत लाठी के प्रशासक महेंद्र चावला, निवर्तमान उपसरपंच भारस खां, वार्ड पंच मजीद खां, रामसिंह सिसोदिया, खेतनाथ, जसनाथ, खेताराम भील, ललित कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपलब्ध संसाधनों से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने टहनियों, मिट्टी और अन्य साधनों की मदद से आग को फैलने से रोकने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा के कारण आग लगातार विकराल होती चली गई। कुछ ही देर में चारागाह का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया। घटना की सूचना मिलते ही लाठी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। थानाधिकारी ईशराराम परिहार, कांस्टेबल भींयाराम चौधरी, कैलाश चौधरी, नेनाराम, सुरेंद्र साऊ तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास किए। साथ ही अग्निशमन वाहन को भी तत्काल सूचना दी गई, लेकिन दमकल के पहुंचने से पहले ही मौसम ने अचानक करवट ले ली।

... और टल गया बड़ा हादसा

आग लगातार फैल रही थी और उसके आसपास के क्षेत्र तक पहुंचने की आशंका बढ़ती जा रही थी। इस दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश ने कुछ ही देर में आग की तीव्रता कम कर दी और धीरे-धीरे आग पूरी तरह बुझ गई। यदि समय पर बारिश नहीं होती तो आग चारागाह के साथ आसपास के क्षेत्र में भी फैल सकती थी, जिससे नुकसान कई गुना बढ़ जाता। बारिश के कारण बड़ा हादसा टल गया और ग्रामीणों के साथ पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।

पर्यावरण और जैव विविधता को भारी क्षति

आग से सेवण घास चारागाह को व्यापक नुकसान पहुंचा है। सेवण घास मरुस्थलीय क्षेत्र की महत्वपूर्ण वनस्पति मानी जाती है और पशुओं के लिए पौष्टिक चारे का प्रमुख स्रोत भी है। इसके अलावा यह मरुस्थलीय पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आग की वजह से बड़ी मात्रा में सेवण घास, प्राकृतिक झाड़ियां और नव विकसित पौधे जलकर नष्ट हो गए। इससे चारागाह की जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी गहरा झटका लगा है।

स्थायी अग्निशमन केंद्र की उठी मांग

घटना के बाद ग्राम पंचायत लाठी के प्रशासक महेंद्र चावला ने क्षेत्र में दमकल सुविधा की कमी पर चिंता जताई। उनका कहना है कि लाठी क्षेत्र पहले भी कई बार आग लगने की घटनाओं का सामना कर चुका है, लेकिन हर बार अग्निशमन वाहन के समय पर नहीं पहुंचने से नुकसान बढ़ने का खतरा बना रहता है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की कि लाठी क्षेत्र में स्थायी अग्निशमन केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि भविष्य में आग जैसी घटनाओं पर तत्काल नियंत्रण पाया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर दमकल सुविधा उपलब्ध होने से पर्यावरण, वनस्पतियों और जन-धन की सुरक्षा बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी।