जैसलमेर

राजसी ठाठ-बाट वाली ट्रेन से आए मेहमान स्वागत-सत्कार से झूम उठे

पहियों पर महल कहलाने वाली पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन का इस पर्यटन सीजन पर पहले फेरे पर जैसलमेर पहुंचने पर रविवार को रेलवे स्टेशन पर ढोल-नगाड़ों की गूंज और लोकसंगीत व नृत्य की छटाओं के साथ जोरदार ढंग से स्वागत किया गया।

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Sep 21, 2025

पहियों पर महल कहलाने वाली पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन का इस पर्यटन सीजन पर पहले फेरे पर जैसलमेर पहुंचने पर रविवार को रेलवे स्टेशन पर ढोल-नगाड़ों की गूंज और लोकसंगीत व नृत्य की छटाओं के साथ जोरदार ढंग से स्वागत किया गया। पहले फेरे पर आई ट्रेन में कुल 40 यात्री सवार थे, इनमें 30 अमेरिकी शामिल थे। सुपर रिच कहलाने वाले इन सैलानियों का परंपरागत रूप से स्वागत किया गया कि वे सभी झूमते नजर आए। रेलवे स्टेशन पर स्वागत कर रहे लोक कलाकारों की ओर से छेड़ी गई स्वर लहरियों पर थिरकने से वे स्वयं को नहीं रोक पाए। गत 18 सितम्बर को दिल्ली से पहले फेरे पर रवाना हुई ट्रेन जयपुर, सवाई माधोपुर, चित्तौडगढ़़ और उदयपुर होते हुए जैसलमेर पहुंची। यहां से जोधपुर, भरतपुर और आगरा होते हुए एक सप्ताह की यात्रा पूरी कर दिल्ली पहुंचेगी।

पर्यटन सीजन का भी आगाज

शाही ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स के जैसलमेर पहुंचने के साथ पर्यटन सीजन का एक भी तरह से विधिवत आगाज हो गया है। विश्व पर्यटन मानचित्र पर गोल्डनसिटी के रूप में अलहदा पहचान रखने वाले जैसलमेर पहुंची ट्रेन में इस बार प्रेसिडेंशियल सुइट का भी निर्माण किया गया है। ट्रेन का रेलवे स्टेशन पर पर्यटन से जुड़े विभिन्न लोगों ने स्वागत किया। स्टेशन पहुंचने पर राजस्थानी लोक संगीत की ध्वनियों के बीच पारम्परिक तरीके से तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया गया। स्वागत के इस पारम्परिक अंदाज से पर्यटक बेहद खुश नजर आए। इसके बाद सभी यात्री स्वर्णनगरी के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने पहुंचे और शाम को उन्होंने खुहड़ी के मखमली टीलों पर ऊंट सफारी, राजस्थानी खान-पान, लोक संगीत और लोक नृत्य का लुत्फ उठाया। गौरतलब है कि पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन की शुरुआत साल 1982 में 26 जनवरी से हुई थी। कोरोना काल में यह ट्रेन पटरियों पर खड़ी रही और उसके बाद 2022 से सीमित फेरे हुए। गत वर्ष इस टे्रन को निजी क्षेत्र के हाथों सौंप दिया गया है।

कभी न भूलने वाला अनुभव

शाही ट्रेन से जैसलमेर पहुंची रूपा बत्रा ने बताया कि इस रेल का सफर जीवन में कभी न भूलने वाला अनुभव है। जो सत्कार टे्रन में किया जाता है, वह लाजवाब है। यात्रियों को राजा-रानी जैसा ही महसूस करवाया जाता है। भोजन से लेकर भ्रमण की व्यवस्थाएं की गई है।

Published on:
21 Sept 2025 08:24 pm
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