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नहरबंदी खत्म : गजरूपसागर और डाबला से रोजाना मिल रहा 50 लाख लीटर पानी

भीषण गर्मी और लंबे समय से चली आ रही नहरबंदी के बीच पेयजल के मोर्चे पर इस बार ज्यादा बड़ा संकट कम से कम अब तक सामने नहीं आया।

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जैसलमेर. मोहनगढ़ स्थित डिग्गी में नहरी पानी का किया जा रहा संग्रहण।

भीषण गर्मी और लंबे समय से चली आ रही नहरबंदी के बीच पेयजल के मोर्चे पर इस बार ज्यादा बड़ा संकट कम से कम अब तक सामने नहीं आया। ऐसे में स्वर्णनगरीवासियों के लिए अब और राहत की खबर है। गत दो दिन से नहरबंदी समाप्त होने के बाद मोहनगढ़ स्थित बाड़मेर लिफ्ट केनाल प्रोजेक्ट की डिग्गी में नहरी पानी की आवक गत 23 मई से शुरू हो गई है। गौरतलब है कि नहरों में पंजाब से पानी 13 मई से छोड़ा गया। जलदाय विभाग के प्रोजक्ट सहायक अभियंता गोपालसिंह मीना ने बताया कि शुरुआती पानी अत्यधिक प्रदूषित था, इस वजह से उसे नहीं लिया गया। अब पानी अपेक्षाकृत साफ है, लिहाजा इसका डिग्गी में संग्रहण किया जा रहा है। एक माह से ज्यादा समय तक चली नहरबंदी की अवधि में जैसलमेर शहर के लिए आपूर्ति में गजरूपसागर और डाबला स्थित ट्यूबवेलों से जैसलमेर शहर को प्रतिदिन करीब 50 लाख लीटर पानी उपलब्ध होने से बड़ा सहारा मिला है। इससे शहर की लडखड़़ाई पेयजल व्यवस्था को मरहम लगा। गजरूप सागर में 5 और डाबला में 13 ट्यूबवेलों से पानी मिल रहा है।

शहर में 50 जोन, व्यवस्था सुधार का दावा

जानकारी के अनुसार जैसलमेर शहरी क्षेत्र को 50 जोन में विभक्त किया हुआ है। वर्तमान में ज्यादातर जोन में पेयजल की आपूर्ति 96 या 72 घंटों के अंतराल में की जा रही है। अब जबकि मोहनगढ़ से जलापूर्ति शुरू होने के बाद जलदाय विभाग का दावा है कि आगामी एक सप्ताह के भीतर शहर में पेयजल आपूर्ति का चक्र 72 से 96 घंटे से घटाकर 48 घंटे तक लाने का प्रयास किया जा रहा है।

गौरतलब है कि, इंदिरा गांधी नहर में मरम्मत और रखरखाव कार्यों के चलते नहरबंदी लागू होने से जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान के कई क्षेत्रों में जल संकट गहरा गया था। पानी का स्तर लगातार घटने से शहर में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो गई थी। कई क्षेत्रों में लोगों को चार-पांच दिन तक पानी का इंतजार करना पड़ रहा था। भीषण गर्मी में बढ़ती मांग और सीमित भंडारण क्षमता के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बन गई थी। अब नहर में पुन: जल प्रवाह शुरू होने से हालात में तब्दीली आने की संभावना है।

प्रशासन की करीबी निगरानी

गर्मियों में सीमित जल भंडारण और टैंकरों पर निर्भर क्षेत्रों में समय पर जलापूर्ति के लिए बीते समय के दौरान इस बार जल परिवहन और वितरण की निगरानी भी बढ़ा दी है। जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने जलदाय अधिकारियों को हर हाल में जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने का निर्देश दिया हुआ है। गत दिनों उपखंड अधिकारी सक्षम गोयल ने ग्रामीण क्षेत्रों में सभी बंद नलकूपों का सर्वेक्षण करवाया था और 1 जून तक उन्हें शुरू करवाने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। भीषण गर्मी के बीच जैसलमेर में इन दिनों पानी की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गई है। तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, ऐसे में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

अब तेजी से स्थितियां होंगी सामान्य

नहर से नियमित जल उपलब्धता बनी रहने पर आगामी दिनों में शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति तेजी से सामान्य हो जाएगी। वैसे इस वर्ष अब तक जिला प्रशासन के निर्देशन में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में हम सफल रहे हैं। विभाग का पूरा प्रयास है कि आने वाले एक सप्ताह में शहरवासियों को 48 घंटों के अंतराल में जलापूर्ति की जा सके।

- निरंजन मीणा, अधिशासी अभियंता, जन स्वा. अभि. विभाग, नगरखंड जैसलमेर