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जैसलमेर. सीमांत जैसलमेर जिले के पुलिस महकमे में व्यापक फेरबदल किया गया है। कई थानों के प्रभारियों के साथ उपनिरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल व कांस्टेबलों का कार्यक्षेत्र बदला गया है। जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने इस संबंध में आदेश जारी किया। सभी अधिकारियों व कार्मिकों को तुरंत नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए। जारी आदेश के अनुसार साइबर थाने में तैनात मनीष सोनी को पोकरण का नया थानाधिकारी बनाया गया है वहीं खुहड़ी के थानाधिकारी नरेंद्र पंवार को शाहगढ़ थाना, पुलिस लाइन से सुमेरदान को नाचना और महेंद्र कुमार को सदर थाना की कमान दी गई है। इसी तरह से पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण सम में चुन्नीलाल, धार्मिक स्थल रामदेवरा में देवकिशन और महिला थाना में खेताराम को प्रभारी बनाया गया है। उपनिरीक्षक बगडूराम को लाठी और सज्जनसिंह को म्याजलार थाना का प्रभारी बनाया गया है।
जिले में कार्यरत 55 सहायक उपनिरीक्षकों के भी स्थानांतरण किए गए हैं। तबादला सूची में 40 हेड कांस्टेबल और करीब 189 कांस्टेबल व ड्राइवरों के नाम भी शामिल हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार सभी तबादले राजहित और सरकारी कामकाज को बेहतर बनाने के लिए किए गए हैं। सभी अधिकारियों और कार्मिकों को बिना छुट्टी या अतिरिक्त जॉइनिंग समय लिए तुरंत अपने नए तैनाती स्थल पर पहुंचकर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
हाल में किए गए तबादलों के बाद जिले की नई टीम बनेगी। कुछ ने कार्यभार ग्रहण कर कर लिया है, कुछ अब कर रहे हैं। इसके बाद सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा। हमारा ध्यान आगामी रामदेवरा मेला, नववर्ष सहित ज्यादा जवाबदेह पुलिस व्यवस्था पर है।
- अभिषेक शिवहरे, पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर
मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र की 14 एमजीडी में सोमवार शाम एक खेत में गुब्बारे और लंबे ऐंटिना से जुड़ा यंत्र गिरने से ग्रामीणों में उत्सुकता और आशंका का माहौल बन गया। आसमान से वस्तु गिरती देख बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर मोहनगढ़ पुलिस भी मौके पर पहुंची और यंत्र को कब्जे में लेकर उसके स्रोत तथा उपयोग के संबंध में जांच शुरू की। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यंत्र पर वैसालारेडियोसॉन्ड आरएस-41 एसजीएम अंकित है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मौसम संबंधी आंकड़े एकत्र करने वाला उपकरण प्रतीत हो रहा है। ऐसे उपकरणों का उपयोग वायुमंडल के तापमान, आर्द्रता, वायुदाब तथा हवा की दिशा और गति का अध्ययन करने के लिए किया जाता है। जानकारों के अनुसार इस प्रकार के यंत्र को हीलियम अथवा हाइड्रोजन गैस से भरे मौसम गुब्बारे के साथ ऊंचाई पर छोड़ा जाता है। निर्धारित ऊंचाई पर गुब्बारा फटने के बाद यंत्र पैराशूट या तार की सहायता से जमीन पर उतर जाता है। संभावना है कि खेत में मिला यंत्र भी इसी प्रक्रिया के दौरान नीचे गिरा हो। रेगिस्तानी क्षेत्र में इस तरह का उपकरण मिलने से ग्रामीणों में काफी कौतूहल रहा।
Updated on:
13 Jul 2026 08:49 pm
Published on:
13 Jul 2026 08:49 pm
