जैसलमेर

Jaisalmer: विरासत बनी पहचान, नया जैसलमेर अब भी तलाश रहा संतुलित विकास की राह

यही असंतुलन आने वाले वर्षों की सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। हेरिटेज क्षेत्र में भवनों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं पर निवेश हुआ, जबकि नए इलाकों में कई स्थानों पर सड़कें, वर्षा जल निकासी, सार्वजनिक परिवहन, पार्क, सामुदायिक सुविधाएं और पार्किंग का विकास आबादी की गति के अनुरूप नहीं बढ़ पाया।
2 min read
Jul 08, 2026
jaisalmer city
हेरिटेज सिटी जैसलमेर के सुव्यव​िस्थत विकास की दरकार।

जैसलमेर। विश्वस्तरीय पहचान रखने वाला जैसलमेर आज दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। एक ओर सदियों पुराना हेरिटेज क्षेत्र है, जहां संरक्षण के प्रयास लगातार दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर तेजी से फैलता नया जैसलमेर है, जहां आबादी, आवास और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने की रफ्तार शहरी आधारभूत ढांचे से आगे निकलती नजर आ रही है। यही असंतुलन आने वाले वर्षों की सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। हेरिटेज क्षेत्र में भवनों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं पर निवेश हुआ, जबकि नए इलाकों में कई स्थानों पर सड़कें, वर्षा जल निकासी, सार्वजनिक परिवहन, पार्क, सामुदायिक सुविधाएं और पार्किंग का विकास आबादी की गति के अनुरूप नहीं बढ़ पाया। विशेषज्ञ मानते हैं कि नया जैसलमेर केवल नई कॉलोनियां बसाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक विस्तार के साथ सड़क नेटवर्क, सीवरेज, वर्षा जल निकासी, पार्क, सार्वजनिक परिवहन, हरित पट्टी, पार्किंग और सामाजिक अधोसंरचना का समानांतर विकास अनिवार्य होना चाहिए।

एक शहर… दो विकास मॉडल

पुराना शहर सीमित भू-भाग में स्थित है। यहां संरक्षण, पर्यटन और विरासत प्रबंधन पर अपेक्षाकृत अधिक ध्यान रहा। इसके विपरीत नया जैसलमेर लगातार नई कॉलोनियों, आवासीय योजनाओं और व्यावसायिक विस्तार के साथ फैल रहा है, लेकिन कई क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं अभी भी समान गति से विकसित नहीं हो सकीं।

हकीकत यह भी

-जैसलमेर जिले की जनसंख्या लगातार बढ़ रही।

-पर्यटन सीजन में लाखों पर्यटक अतिरिक्त दबाव पैदा करते हैं।

-शहर का भौगोलिक विस्तार पिछले दो दशकों में कई गुना बढ़ा।

-निजी कॉलोनियों की संख्या लगातार बढ़ी।

-वाहनों की संख्या हर वर्ष बढ़ने से पार्किंग और ट्रैफिक दबाव भी बढ़ रहा।

-जलनिकासी, फुटपाथ और हरित क्षेत्र कई नए इलाकों में अभी भी पर्याप्त नहीं।

-पुराने शहर में संरक्षण, नए शहर में प्रबंधन की चुनौती

सबसे बड़ी चुनौतियां

-अनियोजित शहरी विस्तार।
-ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ना।
-वर्षा के समय जलभराव वाले क्षेत्र।
-सार्वजनिक परिवहन सीमित।
-पार्किंग संकट।
-हरित क्षेत्र अपेक्षाकृत कम।
-पैदल यात्रियों और साइकिल अनुकूल सड़कें लगभग नहीं।
-क्या होना चाहिए अगला कदम?

रिपोर्ट कार्ड

मजबूत पक्ष: विश्व धरोहर पहचान, पर्यटन आकर्षण, विरासत संरक्षण।

कमजोर पक्ष: अनियोजित विस्तार, ट्रैफिक, पार्किंग, जलनिकासी।

अवसर: नियोजित शहरी विस्तार, हरित विकास, स्मार्ट मोबिलिटी।

चुनौती: बढ़ती आबादी और पर्यटन दबाव के बीच संतुलित शहरी प्रबंधन।

एक्सपर्ट व्यू: हेरिटेज सिटी प्लस फ्यूचर सिटी मॉडल अपनाने की जरूरत

जैसलमेर को अब हेरिटेज सिटी प्लस फ्यूचर सिटी मॉडल अपनाना होगा। विरासत क्षेत्र का संरक्षण जारी रखते हुए नए शहर का विस्तार वैज्ञानिक मास्टर प्लान, जल प्रबंधन, हरित विकास, डिजिटल ट्रैफिक प्रबंधन और जलवायु-अनुकूल अधोसंरचना के आधार पर किया जाए। यही मॉडल पर्यटन, निवेश और नागरिक सुविधाओं के बीच स्थायी संतुलन बना सकता है।

-वीरेन्द्रसिंह, पर्यटन विशेषज्ञ

Updated on:
08 Jul 2026 08:54 pm
Published on:
08 Jul 2026 08:53 pm