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Rajasthan LDC Exam: 5 जुलाई को हुई लिपिक परीक्षा में नकल का खुलासा, जांच के बाद 2 आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान में 5 जुलाई को आयोजित लिपिक भर्ती परीक्षा में जैसलमेर के एक परीक्षा केंद्र पर कथित नकल का मामला सामने आया है। प्रश्नपत्र बाहर ले जाकर महिला अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
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Rajasthan LDC Exam

Rajasthan LDC Exam: परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकलते अभ्यर्थी (फोटो-पत्रिका)

जैसलमेर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 5 जुलाई को आयोजित लिपिक ग्रेड द्वितीय (एलडीसी) भर्ती परीक्षा में जैसलमेर के एक परीक्षा केंद्र पर कथित नकल प्रकरण का खुलासा होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासनिक जांच में परीक्षा के दौरान एक महिला अभ्यर्थी को नकल कराने के लिए प्रश्नपत्र कुछ समय के लिए परीक्षा केंद्र से बाहर ले जाने की पुष्टि होने के बाद पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य से पूछताछ जारी है।

मामला जैसलमेर स्थित स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र का है। 5 जुलाई को परीक्षा की दूसरी पारी के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया था कि एक महिला अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए प्रश्नपत्र को कुछ समय के लिए केंद्र से बाहर भेजा गया। आरोप सामने आते ही परीक्षा केंद्र पर हंगामे की स्थिति बन गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने जिला प्रशासन को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए।

जांच में आरोपों की हुई पुष्टि

जिला प्रशासन ने उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की। समिति की जांच में परीक्षा की शुचिता भंग होने और अनुचित साधनों के इस्तेमाल की पुष्टि होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) महेश कुमार बिस्सा ने जैसलमेर कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवाई।

इन दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया

पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बताया कि मामले में दो आरोपियों पदमसिंह और मनु कंवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष आरोपियों से भी पूछताछ की जा रही है। पूरे मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेवंतदान चारण के नेतृत्व में की जा रही है।

मामले में 5 लोग नामजद

जांच रिपोर्ट के आधार पर कुल 5 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें महिला अभ्यर्थी मनु कंवर, परीक्षा केंद्र के प्रधानाचार्य उम्मेदसिंह, रिलीवर पदमसिंह, अध्यापक जालमसिंह तथा परीक्षा कक्ष में तैनात वीक्षक (इन्विजिलेटर) भीमसिंह शामिल हैं। पुलिस ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2022 एवं संशोधन अधिनियम-2023 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कक्ष संख्या-10 में हुई नकल

बताया जा रहा है कि परीक्षा कक्ष संख्या-10 में मौजूद अन्य अभ्यर्थियों ने सबसे पहले इस कथित गड़बड़ी की शिकायत की थी। उनके विरोध के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा और जांच शुरू हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस कार्रवाई की गई।

सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने उठाए सवाल

इधर, इस पूरे प्रकरण ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मामले को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के सरकारी दावों के बावजूद लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि जिन अधिकारियों पर मामले को दबाने के आरोप लग रहे हैं, उन्हीं के स्तर पर जांच कराना कितना उचित है।

पुलिस जांच में जुटी

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित नकल प्रकरण में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा परीक्षा की गोपनीयता भंग करने के पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।