भादवा मेले के बाद आश्विन माह के कृष्ण पक्ष में श्राद्ध पक्ष के बाद शुक्ल पक्ष में नवरात्रा चल रहे है। ऐसे में गत कई दिनों से रुके शुभ कार्यों के साथ खरीदारी का इंतजार कर रहे ग्राहक भी घरों से निकलने शुरू हो गए है।
भादवा मेले के बाद आश्विन माह के कृष्ण पक्ष में श्राद्ध पक्ष के बाद शुक्ल पक्ष में नवरात्रा चल रहे है। ऐसे में गत कई दिनों से रुके शुभ कार्यों के साथ खरीदारी का इंतजार कर रहे ग्राहक भी घरों से निकलने शुरू हो गए है। दूसरी तरफ बाजारों में अव्यवस्थाओं के कारण ग्राहकों को परेशानी हो रही है। कस्बे में स्थित मुख्य बाजारों में हर समय बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। जिससे ग्राहकों को परेशानी होने के साथ हादसे का भी भय बना रहता है। कस्बे के गांधी चौक, सदर बाजार, फोर्ट रोड, स्टेशन रोड, जयनारायण व्यास सर्किल, जोधपुर रोड, जैसलमेर रोड पर मुख्य बाजार स्थित है। यहां बड़ी संख्या में अलग-अलग दुकानें स्थित है। यहां नवरात्रा के साथ ही दीपावली तक ग्राहकों की खरीददारी के लिए भीड़ उमड़ेगी। ऐसे में अव्यवस्थाओं के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
कस्बे के मुख्य बाजारों में बेसहारा पशुओं की समस्या सबसे बड़ी है। ये पशु दिनभर मुख्य मार्गों पर विचरण करते रहते है। ये पशु आए दिन आपस में भिड़ते है और राहगीर चोटिल भी हो जाते है। जिसके कारण आमजन को परेशानी हो रही है। त्योहारी सीजन में ग्राहकों की भीड़ बढऩे के दौरान इन पशुओं के कारण किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके इन पशुओं को पकडऩे व गोशालाओं में भिजवाने को लेकर कोई कवायद नहीं की जा रही है।
पशुओं का हर समय जमावड़ा लगा रहता है। जिसके कारण ग्राहकों का दुकान तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है। इन पशुओं से हर समय परेशानी हो रही है।
कस्बे के मुख्य बाजारों में पशुओं की समस्या लगातार बढ़ रही है। पूर्व में कई बार पशुओं को पकडक़र गोशाला भिजवाया गया था, लेकिन समस्या पुन: बढ़ गई है। इन बेसहारा पशुओं को गोशाला भिजवाए तो ही समस्या का समाधान हो सकता है।