- सनावड़ा गांव में नहीं पहुंच रहा है पानी- अधिकारी बने मूकदर्शक, ग्रामीणों ने दिया ज्ञापन
पोकरण . पोकरण-फलसूण्ड पेयजल लिफ्ट परियोजना की ओर से क्षेत्र के डेढ़ सौ से अधिक गांवों में हिमालय के मीठे पानी की आपूर्ति के दावे करने के साथ आमजन को राहत की उम्मीदें की जा रही है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर हिमालय के मीठे पानी की पाइपलाइन से अवैध कनेक्शन कर फसलों की सिंचाई की जा रही है तथा ग्रामीणों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हो रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। दूसरी तरफ विभागीय अधिकारी मूकदर्शक बने हुए है। गौरतलब है कि आठ वर्ष पूर्व पोकरण कस्बे में परियोजना के तहत जलापूर्ति शुरू कर ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइनें लगाने का कार्य शुरू किया गया था। जिसके कुछ वर्षों बाद पोकरण क्षेत्र के डेढ़ सौ से अधिक गांवों में पाइपलाइनों का जाल बिछाया गया और हिमालय के मीठे पानी की आपूर्ति शुरू की गई। क्षेत्र के कई गांवों में परियोजना के तहत लगाई गई मीठे पानी की पाइपलाइन पर अवैध कनेक्शनों की भरमार हो गई है। जिससे गांवों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
लहलहा रही है फसलें, पानी को तरस रहे ग्रामीण
क्षेत्र के सनावड़ा गांव में जाने वाली मुख्य पाइपलाइन पर अवैध कनेक्शन किया गया है। सांकड़ा से सनावड़ा जाने वाली पाइपलाइन को तोड़कर दो इंच के पाइप लगाकर अवैध कनेक्शन कर लिया गया। इसके बाद सड़क को तोड़कर दूसरी तरफ स्थित खेत में कनेक्शन लिया गया। यहां डिग्गी में पाइप छोड़ दिया गया है। ऐसे में 24 घंटे मीठा पानी डिग्गी में भरा रहता है। किसान की ओर से खुलेआम अवैध कनेक्शन के मीठे पानी से खेती की जा रही है। वर्तमान में खेत में जीरे की फसल की बुआई की गई है। एक तरफ खेत में फसल लहलहा रही है, तो दूसरी तरफ सनावड़ा के ग्रामीण मीठे पानी को तरस रहे है। गांव में पानी नहीं पहुंचने के कारण ग्रामीणों को ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है।
कनेक्शन हटाने, जलापूर्ति सुचारु करने व मामला दर्ज करने की मांग
इस संबंध में ग्रामीणों ने परियोजना के अधिकारियों को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया है। गांव के कूंपसिंह, चुतरसिंह, देरावरसिंह, भोमसिंह, उदयसिंह, किशनाराम, हरिराम सहित ग्रामीणों ने बताया कि सांकड़ा से सनावड़ा के बीच लगी मुख्य पाइपलाइन पर अवैध कनेक्शन किया गया है। इस पाइपलाइन पर एक खेत मालिक की ओर से अवैध कनेक्शन कर खेती की जा रही है तथा जीरे की फसल लहलहा रही है। जबकि गांव में जलापूर्ति बंद पड़ी है। जिसके कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट से रूबरू होना पड़ रहा है। उन्होंने यहां किए गए अवैध कनेक्शन हटाने, गांव में जलापूर्ति सुचारु करने और अवैध कनेक्शनधारी के विरुद्ध मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।
की जाएगी कार्रवाई
इस संबंध में ग्रामीणों ने सूचना दी है। मामले की जांच करवाकर प्रशासन व पुलिस के सहयोग से अवैध कनेक्शन हटाने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गांव में जलापूर्ति भी सुचारु की जाएगी।
- महेश शर्मा, अधिशासी अभियंता पोकरण-फलसूण्ड पेयजल लिफ्ट परियोजना, पोकरण।