
जैसलमेर. गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ... जय गजानंद महाराज और देवा ओ देवा के जयकारों से स्वर्णनगरी गूंज उठी। दस दिन तक चले गणेशोत्सव के समापन पर शहर में विभिन्न स्थानों से शोभायात्राएं निकाली गईं। डीजे की धुनों पर युवा थिरकते नजर आए, वहीं श्रद्धालुओं ने गुलाल और अबीर उड़ाकर उत्सव का उल्लास मनाया। शहर की गलियों और मोहल्लों से गणेश प्रतिमाओं के साथ निकली शोभायात्राएं विभिन्न मार्गों से होती हुई गड़ीसर तालाब पहुंचीं। आदमकद गणेश प्रतिमाओं की सवारी देखने के लिए मार्गों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। सदर बाजार, गोपा चौक, आसनी रोड और गड़ीसर रोड पर शोभायात्राओं के दौरान माहौल भक्तिमय बना रहा।
गड़ीसर तालाब पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने गणेश प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना की। इसके बाद विधिवत विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने परिवार में सुख-शांति, गृहक्लेश से मुक्ति, रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति और सभी को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। शहर की विभिन्न कॉलोनियों और गली-मोहल्लों में आयोजित गणेश महोत्सव के समापन पर निकली शोभायात्राओं में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। जयकारों और भक्ति संगीत के बीच गणपति को विदाई दी गई। श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर जल्दी आने की कामना के साथ गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया।
फलसूण्ड . कस्बे के माहेश्वरी मोहल्ले स्थित हनुमान मंदिर में स्थापित गणेश प्रतिमा का नौ दिवसीय पूजा-आराधना के बाद विसर्जन किया गया। गांव के मुख्य मार्ग से गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भारी जनसमूह उमड़ा। श्रद्धालु नाचते-गाते हुए और लाल गुलाल उड़ाते हुए 'गणपति बप्पा मोरया' के गगनभेदी जयकारों के साथ प्रतिमा को गोड़ागड़ा तालाब तक ले गए। पंडित रमेश शर्मा ने विधि-विधान से पूजन के बाद गोड़ागड़ा तालाब पर गणेश प्रतिमा विसर्जित की। इस अवसर पर महंत रावलपुरी, रतनसिंह जोधा, कुलदीप सिंह जोधा, डॉ. ईश्वर सेन्डे, जगदीश राठी, नरेश राठी, मदन शर्मा, चेनदास, राहुल जैन, विनोद सोनी, धर्मेंद्र शर्मा, विनोद शर्मा सहित बच्चे, युवा, बुजुर्गों और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं।