देश-विदेश में पर्यटननगरी के तौर पर पहचान रखने वाले जैसलमेर शहर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई अहम जगहों पर आधुनिक तरीके के टॉयलेट बनाए जाने के बावजूद आज भी ऐसे स्थान हैं, जो इनसे अछूते हैं।
देश-विदेश में पर्यटननगरी के तौर पर पहचान रखने वाले जैसलमेर शहर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई अहम जगहों पर आधुनिक तरीके के टॉयलेट बनाए जाने के बावजूद आज भी ऐसे स्थान हैं, जो इनसे अछूते हैं। वहां इनकी व्यवस्था नहीं होने से गंदगी व दुर्गंध के कारण नगर की छवि प्रभावित हो रही है। इसके अलावा कई सार्वजनिक प्रसाधन कक्षों की नियमित सफाई भी एक समस्या है। इसमें गंदगी फैलाने वाले लोगों की भूमिका भी अहम है। दूसरी तरफ आधी आबादी यानी महिलाओं व बालिकाओं को मुख्य बाजारों से लेकर अहम स्थानों तक पर टॉयलेट जाने की सुविधा नहीं मिल पा रही है। दूसरी तरफ ऐतिहासिक सोनार दुर्ग से सटे गोपा चौक में सब्जी मंडी के पास और पुलिस चौकी मार्ग पर दो मॉर्डन टॉयलेट बनाए जाने से महिला वर्ग विशेषकर पर्यटकों को अच्छी सुविधा मिली है लेकिन इन्हीं के पास आज भी अनेक जने प्रतिदिन खुले में लघुशंका निवारण करते हुए गंदगी को बढ़ावा दे रहे हैं और उन पर रोक लगाने वाला कोई नहीं है।