तीन वर्ष पुराने मामले में हत्या के आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे
जैसलमेर. तीन वर्ष पुराने हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। गौरतलब है कि गत 18 अगस्त 2018 को सुमेरा परवेज पत्नी अस्बाकमोन निवासी ककरान्ता हाउस जिला कन्नूर केरला हाल आरटी नगर बैगलोर ने रिपोर्ट पेश की थी कि 11 अगस्त 2018 की रात्रि को इण्डिया बाजा रैली 2018 में भाग लेने के लिए जैसलमेर जाने के लिए अपने साथियो संजय, विश्वास ओर साबिक के साथ जैसलमेर जाने का कहकर निकले थे। इस दौरान 14 अगस्त को जैसलमेर पहॅुचकर मुझे फोन किया था, उसके बाद 15 अगस्त 2018 की रात्रि में उसके पति ने फोन कर बताया उसे बताया कि मै साथियों के साथ अगले दिन सुबह प्रेक्टिस के लिए जाऊंगा। उसके बाद में उसके पति का न तो फोन लगा ओर न बात हुई। गत 17 अगस्त 2018 को रेस ओरगेनाईजर ने उसे फोन कर बताया कि आपके पति रेस प्रेक्टिस के लिए धोरो में गए थे, जो भटक गए हैं। मिल नहीं रहे है। इस पर वह अपने पिता के साथ जैसलमेर आई तो उसके पति के साथी संजय, विश्वास ने मुझे बताया कि 16 अगस्त 2018 को वह संजय, विश्वास, असबाक अपनी अपनी बाइक से आसुतार शाहगढ की तरफ गए थे। जहां असबाक अलग हो गया व रास्ता भटक गया, पर हमने तलाश की। इसके बाद पुलिस थाने मे सूचना दी गई। तलाशी के दौरान असबाक शाहगढ़ क्षेत्र में सूने रेत के धोरो में मृत अवस्था में मिला। उसके पास में मोटरसाईकिल खडी मिली, भूख प्यास से मृत्यु हो गई होगी।
मर्ग दर्ज करने के बाद कार्रवाई के दौरान मृतक के परिवारजनों ने उच्च अधिकारियों के समक्ष परिवाद पेश किया। मर्ग जांच में नए तथ्य सामने आने पर जिला पुलिस अधीक्षक जैसलमेर डॉ. अजयसिंह के निर्देशन में पुलिस ने विभिन्न तथ्यों के सम्बध में अग्रिम जांच करवाई। जांच के दौरान विभिन्न पहलुओं में मामला हत्या का सामने आया। इस पर पुलिस थाना शाहगढ़ में हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया।
यूं धरे गए आरोपी
उप अधीक्षक भवानीसिंह ने अनुसंधान करते हुए विभिन्न बिन्दुओं के आधार पर तीन वर्ष पुराने मामले में सूक्ष्मता से साक्ष्य संकलित किए। साक्ष्यों के आधार आरोपियों के खिलाफ हत्या एवं षडय़न्त्र रचने का आरोप प्रमाणित पाए गए। आरोपी संजय आदि के गिरफतारी वारंट जारी करवाए गए। अनुसंधान अधिकारी भवानीसिंह एवं मुख्य आरक्षक राजेन्द्र कुमार की ओर से आरोपियों की बंगलुरु व केरल में तलाश की गई, लेकिन आरोपी गिरफतारी के भय से भूमिगत हो गए। भवानीसिंह आरपीएस के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक किशनसिंह, मुख्य आरक्षक जेठूसिंह, कांस्टेबल रामाकिशन, प्रवीणकुमार की टीम गठित कर बंगलुरु निवासी आरोपी संजयकुमार व विश्वास एसडी को गिरफतार किया गया, जिन्ह अनुसंधान के बाद न्यायिक हिरासत में भिजवाया गया है। प्रकरण में अनुसंधान जारी है।