जैसलमेर में धमाकों की आवाज सुनी गई है। यहां सायरन बजाया गया। इस दौरान आसमान में चमकती रोशनी देखी गई। इसके बाद प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट हो गया।
जैसलमेर। रात 9 बजे ब्लैकआउट हुआ। पूरे शहर की बिजली बंद हो गई। 5 मिनट ही बीते थे। अचानक शहर के आसमान में धमाके शुरू हो गए। करीब 9 .10 बजे तक लगातार शहर के चारों तरफ धमाकों की आवाज गूंजने लगी। अंधेरे के बीच पूर्व दिशा की ओर से आसमान में धमाकों से रोशनी दिखने लगी। पूरे शहर में इन धमाकों से अफरा-तफरी मच गई। ब्लैकआउट में कई लोगों ने घरों में पूरी तरह लाइट बंद नहीं की थी।
लेकिन जैसे ही धमाके होने लगे, वैसे घबराकर लोगों ने अपने घरों में जल रही छोटी लाइटें भी बंद कर दीं। लोगों घबराकर घरों से बाहर निकले और आसमान में देखने लगे। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी के हताहत या किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं है।
पोकरण में धमाके सुने गए। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि ये पाकिस्तान की ओर से किया गया ड्रोन हमला था, जिसे इंडियन एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया।
रात 9 बजे तक जैसलमेर बिल्कुल शांत था। शाम तक लोग चौराहों पर सामान्य दिनों की तरह आ-जा रहे थे। प्रशासन ने रात 9 से सुबह 4 तक ब्लैकआउट घोषित किया था। लोग सामान्य तौर पर अपने काम कर रहे थे। रात 9 बजते ही ब्लैकआउट शुरू हो गया। अभी पांच मिनट ही बीते थे कि आसमान में धमाके होने लगे। पहले लोगों ने सोचा शायद मॉकड्रिल है।
लेकिन एक बार धमाके शुरू हुए तो युद्ध के मैदान सरीखे लगातार धमाकों की आवाजें पूरे जैसलमेर में गूंज उठी। लोगों के बीच अफरा-तरफी का महौल हो गया। घबराकर लोगों सबसे पहले अपने घरों की जो लाइटें जल रही थीं, उन्हें तुरंत बंद किया। घरों से बाहर निकल लोग आसमान में देखने लगे तो एक साथ कई जगह धमाकों से आसमान गूंज रहा था।
भारत-पाक के बीच चल रहे तनाव के बीच पहले लोगों ने सोचा कि यह मॉकड्रिल का हिस्सा है। लेकिन बाद में पता चला कि यह मॉकड्रिल नहीं है।