
स्वर्णनगरी पूरी तरह से प्रचंड गर्मी की चपेट में आ गई है। लू के थपेड़ों ने जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है। लोगों की दिनचर्या बदल गई है। दिन में 12 से 6 बजे तक सडक़ों पर आवाजाही 30 से 40 फीसदी रह रही है। उसमें भी अपराह्न 2 से 4.30 बजे तक तो यह घट कर 10 प्रतिशत तक आ जाती है। मौसम विभाग ने गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान 46.0 और न्यूनतम 27.8 डिग्री रिकॉर्ड किया है, जो एक दिन पहले क्रमश: 45.4 व 26.9 डिग्री रहा था। जैसलमेर में पूरे 21 दिनों के अंतराल के बाद पारा 46 डिग्री के उच्च स्तर पर पहुंचा है। इससे पहले महीने के पहले ही दिन यह 46.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ था। उसके बाद इसमें गिरावट देखी गई। इस महीने की 5 तारीख को पारा 33.9, 6 को 36.4 और 9 मई को महज 34.3 डिग्री तक सिमट गया था। ऐसा पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से हुआ। पिछले एक सप्ताह से गर्मी के तेवर निरंतर कड़े होते गए हैं। आने वाले दिनों में इसमें और कठोरता आने का पूर्वानुमान है। स्वर्णनगरी का अधिकतम तापमान आगामी दिनों में 47 डिग्री या उससे भी ऊपर तक जाने के आसार जताए जा रहे हैं।सहन नहीं हो रहा सूरज का तापमरुस्थलीय क्षेत्र के बाशिंदे गर्मी के अभ्यस्त होने के बावजूद निरंतर तन झुलसाने वाली तपिश से हैरान हो चुके हैं। हालत यह है कि लोगों से विशेषकर युवाओं से सूरज का ताप सहन नहीं हो रहा। बहुत जरूरी होने पर सडक़ों पर स्वयं को पूरी तरह से कपड़े से ढंक कर ही बाहर निकल रहे हैं। अधिकांश लोग दोपहर 12 से 1 बजे के बाद घरों में या प्रतिष्ठानों-कार्यालयों आदि में रहना मुनासिब मान रहे हैं। चिकित्सा विभाग की सलाह भी यही है कि अनावश्यक रूप से धूप में नहीं निकला जाए। दिन में भीषण ताप के बावजूद रात में कमोबेश शीतलता के चलते खुले में या छतों पर सोने वालों को नींद लेने का सुख अवश्य मिल रहा है।