स्वर्णनगरी में पर्यटन सीजन अब ढलान पर है और इसके साथ ही हवाई सेवाएं भी थमने जा रही हैं। आगामी 28 मार्च के बाद जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली सभी नियमित उड़ानें बंद हो जाएंगी।
स्वर्णनगरी में पर्यटन सीजन अब ढलान पर है और इसके साथ ही हवाई सेवाएं भी थमने जा रही हैं। आगामी 28 मार्च के बाद जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली सभी नियमित उड़ानें बंद हो जाएंगी। 29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में किसी भी एयरलाइन कंपनी ने जैसलमेर को अपनी उड़ान सूची में शामिल नहीं किया है। ऐसे में गर्मी के महीनों में एयरपोर्ट पर सन्नाटा छाने की स्थिति बनेगी। जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट मूल रूप से पर्यटन सीजन पर आधारित रहता है। अक्टूबर से मार्च तक पर्यटकों की बड़ी संख्या के कारण उड़ानों का संचालन होता है, लेकिन तापमान बढऩे के साथ ही पर्यटकों की आवाजाही तेजी से घट जाती है।
यात्री भार कम होने पर एयरलाइंस कंपनियों के लिए उड़ान संचालन आर्थिक रूप से घाटे का सौदा साबित होता है, इसलिए हर वर्ष गर्मी की शुरुआत के साथ सेवाएं बंद कर दी जाती हैं। बीते पर्यटन सीजन में जैसलमेर एयरपोर्ट पर यात्रियों की अच्छी आवाजाही दर्ज हुई। अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच करीब 80 हजार यात्रियों ने इस एयरपोर्ट की सेवाओं का उपयोग किया। केवल अक्टूबर महीने में ही 15 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई। इसी अवधि में 27 अक्टूबर को एयरपोर्ट की सबसे व्यस्त गतिविधियों में से एक दर्ज हुई, जब एक ही दिन में छह उड़ानों का सफल लैंडिंग और टेक ऑफ हुआ। इससे पर्यटन सीजन के दौरान जैसलमेर में हवाई यातायात की बढ़ती अहमियत स्पष्ट होती है।
मौजूदा समय में जैसलमेर से दिल्ली के लिए तीन उड़ानें, जयपुर के लिए एक, मुंबई के लिए एक और बेंगलुरु के लिए एक उड़ान संचालित हो रही है। पर्यटन सीजन समाप्त होने के साथ ही ये सभी उड़ानें भी बंद हो जाएंगी और अगले पर्यटन सीजन तक एयरपोर्ट पर नियमित हवाई सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी।
विंटर शेड्यूल के तहत जैसलमेर एयरपोर्ट से संचालित सभी विमान सेवाएं आगामी 28 मार्च के बाद बंद हो जाएंगी। इस दौरान एयपोर्ट के रखरखाव आदि कार्य के लिए अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं।