
राजस्थान के सरहदी जिले जैसलमेर में आर्मी कैंट परिसर स्थित CSD कैंटीन में रविवार को अचानक भीषण आग लग गई। इस हाई-सिक्योरिटी सैन्य इलाके में आग की लपटें उठती देख पूरे कैंटोनमेंट और आस-पास के नागरिक क्षेत्रों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि इस हादसे में कैंटीन के भीतर रखा लाखों रुपये का घरेलू सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और राशन सामग्री जलकर पूरी तरह से राख हो गई, लेकिन राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि सेना के त्वरित रिस्पॉन्स मैकेनिज्म और स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी के चलते समय रहते आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया, जिससे कोई भी जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर को जब कैंटीन परिसर में सामान्य कामकाज चल रहा था, तभी अचानक इमारत के एक हिस्से से धुआं उठने लगा। जैसलमेर के गर्म मौसम और तेज हवाओं के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पूरी CSD कैंटीन को अपनी चपेट में ले लिया।
कैंटीन के अंदर ज्वलनशील सामान और पैकेज्ड फूड आइटम्स होने के कारण आग तेजी से फैली, जिससे आसमान में काले धुएं का एक बड़ा गुबार छा गया, जिसे कई किलोमीटर दूर जैसलमेर शहर से भी साफ देखा जा सकता था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सेना के दमकल वाहनों के साथ-साथ तुरंत सिविल डिफेंस की टीमों को अलर्ट किया गया। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कुल 8 दमकल वाहनों को तुरंत मौके पर तैनात किया गया। सेना के जवानों और नागरिक प्रशासन के फायर फाइटर्स ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने का काम शुरू किया। चूंकि कैंटीन के पास सेना की अन्य महत्वपूर्ण आवासीय और रणनीतिक इमारतें भी स्थित थीं, इसलिए सबसे बड़ी चुनौती आग को आगे बढ़ने से रोकने की थी।
फायर ब्रिगेड और सेना की रेस्क्यू टीम ने चारों तरफ से पानी की बौछारें डालकर लगभग 1 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। दमकल कर्मियों की सूझबूझ से आग को कैंटीन की मुख्य बाउंड्री के भीतर ही रोक दिया गया और उसे सेना की अन्य नजदीकी बैरकों या कार्यालयों तक फैलने नहीं दिया गया।
समय रहते किए गए इस डैमेज कंट्रोल की वजह से एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके की बिजली सप्लाई को एहतियातन बंद कर दिया गया था।
सैन्य अधिकारियों की तरफ से राहत की पुष्टि करते हुए बताया गया है कि इस पूरे अग्निकांड में किसी भी सैनिक, अधिकारी या नागरिक के हताहत होने या झुलसने की कोई सूचना नहीं है। आग लगते ही परिसर में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बाहर निकाल लिया गया था।
शुरुआती तकनीकी जांच के आधार पर आग लगने का मुख्य कारण बिजली के पैनल में शॉर्ट सर्किट होना माना जा रहा है, हालांकि सेना और जिला प्रशासन द्वारा इसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
आग पूरी तरह शांत होने के बाद अब सेना के उच्च अधिकारी और स्थानीय राजस्व प्रशासन की टीमें CSD कैंटीन के भीतर हुए वास्तविक आर्थिक नुकसान का सटीक आकलन करने में जुट गई हैं। यह कैंटीन जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन में तैनात हजारों जवानों और पूर्व सैनिकों के परिवारों की दैनिक जरूरतों का मुख्य केंद्र है, इसलिए प्रशासन जल्द से जल्द व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने का प्रयास कर रहा है।