पधारो हारो देश...-कलात्मक सुंदरता व बारीक नक्काशी कार्य को निहारने की होड़ -शैक्षणिक भ्रमण के लिए पसंदीदा स्थल बन रहा जैसाण
जैसलमेर.स्वर्णनगरी में इन दिनों अक्टूबर महीना देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के साथ ही शैक्षणिक भ्रमण पर आने वाले विद्यार्थियों से भी गुलजार नजर आ रहा है।
जैसलमेर की लोक संस्कृति, कलात्मक सुन्दरता व सूक्ष्म कारीगरी के कायल इन विद्यार्थियों यहां का कुदरती सौन्दर्य भी काफी रास आता है। ऐसे में मौसम में घुल रही ठंडक के बीच शैक्षणिक भ्रमण पर बड़ी सं या में विद्यार्थियों के समूह स्वर्णनगरी आ रहे हैं। शारदीय नवरात्रा के बाद से स्वर्णनगरी में इन दिनों देशी-विदेशी सैलानियों की बहार आई हुई है। स्कूली बच्चों के समूहों के कारण भी जैसलमेर के जैन मंदिर, पटवा हवेली, गड़ीसर तालाब सहित प्रमुख मार्गों पर काफी रौनक देखी जा सकती है।वे यहां बिताए जाने वाले सुकून व आनंद के क्षणों को यादों के रूप में सहेज कर रवाना होते हैं, वहीं एक बार और स्वर्णनगरी का दीदार करने की उ मीद के साथ यहां से विदा होते हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न प्रांतों के जिलों से आने वाले विद्यार्थियों को जहां एक ओर शहर के पर्यटन स्थलों को निहारना काफी सुहाता है। इसके अलावा यहां के मनोहारी वातावरण के साथ शांति व सुकून के पल बिताकर वे एक बारगी अपना सारा तनाव भूल जाते हंै। शैक्षणिक भ्रमण के लिए विद्यार्थियों की प्राथमिकता स्वर्णनगरी ही रहती है।