जैसलमेर

Jaisalmer: सुरक्षित तो जैसलमेर जिले की लाइब्रेरियां भी नहीं, सुरक्षा पर सवाल

लखनऊ की एक लाइब्रेरी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जैसलमेर जिले में संचालित रीडिंग रूम्स और लाइब्रेरियों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। शहर में दो दर्जन से अधिक लाइब्रेरियों में प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी और प्रतियोगी परीक्षार्थी अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। आवासीय परिसरों में संचालित इन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन इंतजामों की स्थिति अब जांच का विषय बन गई है।
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Updated: 23 Jun 2026, 8:28 PM IST
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पोकरण. एक लाइब्रेरी में पढ़ते युवा। पत्रिका

जैसलमेर/पोकरण. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लाइब्रेरी में हुए भीषण आग के हादसे के बाद सरहदी जैसलमेर जिले में भी पढऩे के नए ठिकानों के तौर पर विकसित हुए रीडिंग रूम्स और लाइब्रेरियों में सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। जैसलमेर मुख्यालय पर अलग-अलग स्थानों पर करीब दो दर्जन से अधिक लाइब्रेरियों का संचालन किया जा रहा है। जहां स्कूली विद्यार्थियों से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे युवा सुबह से देर रात तक अलग-अलग स्लॉट में अध्ययन करने पहुंचते हैं। वे वहां एकांत और सुविधाजनक व्यवस्थाओं के चलते प्रतिमाह 600 से लेकर 1000 रुपए प्रतिमाह का शुल्क देते हैं। ये लाइब्रेरियां शहर के आवासीय कॉलोनियों से लेकर भीतरी भागों में संचालित हो रही हैं। अधिकांशत: आवासीय परिसरों में ही इसका संचालन होता है। औसतन 40 से 50 या कहीं-कहीं 80 से 100 युवा सुबह 6 से लेकर देर रात तक के समय में वहां अध्ययन करते हैं।

किसी तरह की जांच नहीं

जानकारी के अनुसार जैसलमेर और पोकरण में अधिकांश लाइब्रेरी निजी मकानों में चल रही है। जिनमें अधिकांश के पास कोई वैध अनुज्ञा पत्र नहीं है। हालांकि आग की घटनाओं को देखते हुए आग बुझाने के मोबाइल संयंत्र जरूर लगाए गए हैं, लेकिन आपातकाल में बाहर निकलने जैसी ज्यादातर जगहों पर कोई व्यवस्था नहीं है। यही नहीं कुछ लाइब्रेरी छतों पर चल रही है, लेकिन उतरने-चढऩे के लिए एक ही सीढ़ी है। रात में भी इन लाइब्रेरी में भीड़ देखी जा सकती है। अत्याधुनिक सुविधाएं एयर कंडीशन आदि लगे होने से खिड़कियां व दरवाजे भी बंद ही रहते है। ऐसे में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। जिले के पोकरण क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक रीडिंग रूम व लाइब्रेरी संचालित हो रही है।

निर्जला एकादशी का पर्व कल, होंगे विविध आयोजन

पोकरण सरहदी जिले में निर्जला एकादशी का पर्व गुरुवार को परंपरागत रूप से मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे और दान-पुण्य किया जाएगा। पोकरण सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्जला एकादशी से पूर्व उल्लास का माहौल देखने को मिला। क्षेत्र में गुरुवार को निर्जला एकादशी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी के मौके पर सिंगाड़े की सेव, आम, मावे के पेठे, खजूर की पंखियां, ठण्डाई व मटकियों का वितरण कर दान पुण्य किया जाता है। इसी को लेकर बाजार में हाथ ठेलों व फलों की दुकानों पर भारी मात्रा में आम की बिक्री हुई। मंगलवार को आम खरीदने के लिए लोगों की भीड़ देखने को मिली। गुरुवार को निर्जला एकादशी के दिन मंदिरों में भीड़ रहेगी।

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23 Jun 2026, 8:28 PM IST
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