
जैसलमेर. सरहदी जिले के मोहनगढ़ क्षेत्र के बोहा गांव की सरहद में मिले ट्रैक्टर चालक के शव के मामले में पुलिस ने खुलासा कर हत्या और लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्र में हुई सनसनीखेज वारदात का खुलासे में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और फील्ड इंटेलिजेंस की सहायता ली। मामले के अनुसार गत 20 जून को बोहा क्षेत्र में एक व्यक्ति का रक्तरंजित शव मिलने की सूचना मिली। घटनास्थल के आसपास ट्रैक्टर के टायरों के निशान पाए जाने से हत्या और वाहन लूट की आशंका गहराई। शव को जैसलमेर लाकर पहचान करवाई गई, जहां मृतक की पहचान नोखा क्षेत्र के काकड़ा निवासी अमरचंद सोनी के रूप में हुई। मृतक के पुत्र राकेश सोनी ने हत्या कर ट्रैक्टर लूटकर ले जाने का मामला दर्ज कराया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ट्रैक्टर लूटने के उद्देश्य से चालक की हत्या की। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने हत्या और लूट दोनों पहलुओं को केंद्र में रखकर जांच शुरू की और शुरुआती घंटों में ही जांच की दिशा तय कर ली।
यूं चला पूरा घटनाक्रमघटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेवन्तदान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार तथा वृत्ताधिकारी गजेन्द्रसिंह चम्पावत के सुपरविजन में विशेष टीमें गठित की गईं। एफएसएल और एमओबी टीम ने घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण किया, जबकि पुलिस टीमों ने संभावित मार्गों पर कॉर्डन एवं सर्च ऑपरेशन चलाया। तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय आसूचना नेटवर्क और फील्ड इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ी। अलग-अलग टीमों के बीच लगातार समन्वय स्थापित किया गया। परिणामस्वरूप पुलिस ने वारदात के छह घंटे के भीतर आरोपियों तक पहुंचकर उन्हें दस्तयाब कर लिया। पूछताछ के बाद हरदीपसिंह उर्फ काला और मलकारसिंह उर्फ राजासिंह को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी हरदीपसिंह उर्फ काला पुत्र सतनामसिंह और मलकारसिंह उर्फ राजासिंह पुत्र महेन्द्रसिंह, दोनों पदमपुर थाना क्षेत्र, जिला श्रीगंगानगर के निवासी हैं। दोनों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उनसे वारदात के अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ जारी है।
वारदात के खुलासे में थानाधिकारी डॉ. गीता विश्नोई और थानाधिकारी प्रेमाराम के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक जालमसिंह, सहायक उपनिरीक्षक जगदान, सहायक उपनिरीक्षक चिमनसिंह, हेड कांस्टेबल कोजराजसिंह, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, कांस्टेबल बरकत अली, कांस्टेबल संदीप कुमार, कांस्टेबल सुरेन्द्रसिंह, कांस्टेबल प्रदीप कुमार, कांस्टेबल वली मोहम्मद, सहायक उपनिरीक्षक दीपसिंह, कांस्टेबल रतिराम, कांस्टेबल शेर मोहम्मद, कांस्टेबल सत्येन्द्र कुमार, कांस्टेबल दीपसिंह, कांस्टेबल जोगाराम, कांस्टेबल मालाराम, चालक कांस्टेबल देवीसिंह, सहायक उपनिरीक्षक मूलाराम, हैड कांस्टेबल जगमालसिंह, कांस्टेबल झाबरमल, चालक कांस्टेबल देवेन्द्रसिंह, डीएसटी प्रभारी एवं हेड कांस्टेबल भीमरावसिंह, कांस्टेबल हजारसिंह, कांस्टेबल सुभाष तथा कांस्टेबल जगदीश शामिल रहे।