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Jaisamler: होटलों की बाढ़ में बदलता जैसलमेर, हर मोहल्ला बनता पर्यटन ठिकाना

स्वर्णनगरी में पर्यटन उद्योग के विस्तार के साथ होटल व्यवसाय तेजी से फैल रहा है और शहर के लगभग हर क्षेत्र में नए होटल, गेस्ट हाउस व होम स्टे विकसित हो रहे हैं। पर्यटन सीजन में बढ़ती आवासीय मांग को देखते हुए स्थानीय निवेशकों के साथ बाहरी उद्यमी भी बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं। सम रोड, अमर सागर, किशनघाट, मूलसागर और नई कॉलोनियों में नए होटल निर्माण के साथ कई आवासीय भवनों को भी पर्यटन आवास में बदला जा रहा है।
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जैसलमेर में चल रहा होटल निर्माण कार्य

जैसलमेर. स्वर्णनगरी में पर्यटन उद्योग के लगातार विस्तार के साथ होटल व्यवसाय का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि शहर का शायद ही कोई ऐसा इलाका बचा हो, जहां होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे या पर्यटन से जुड़ा आवासीय प्रतिष्ठान विकसित नहीं हो रहा हो। कभी मुख्य पर्यटन क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों तक सीमित रहने वाला यह कारोबार अब आवासीय कॉलोनियों, नई बस्तियों और यहां तक कि संकरी गलियों तक पहुंच चुका है। पर्यटन में बढ़ती संभावनाओं और निवेश पर बेहतर प्रतिफल की उम्मीद ने बड़ी संख्या में लोगों को होटल व्यवसाय की ओर आकर्षित किया है। जैसलमेर में हर वर्ष देश-विदेश से लाखों पर्यटक पहुंचते हैं। विशेष रूप से अगस्त से मार्च तक चलने वाले पर्यटन सीजन में आवासीय सुविधाओं की मांग बढ़ जाती है। इसी मांग को देखते हुए स्थानीय निवेशकों के साथ बाहरी उद्यमी भी होटल निर्माण में रुचि दिखा रहे हैं। शहर के बाहरी क्षेत्रों, बाइपास मार्गों, सम रोड, अमर सागर, किशनघाट, मूलसागर सहित नई विकसित कॉलोनियों में लगातार नए होटल आकार ले रहे हैं। कई मकानों को भी पर्यटन आवास में परिवर्तित किया जा रहा है। इसके साथ ही सितारा होटल्स से लेकर मध्यम श्रेणी के होटल्स में इन दिनों कमरों की तादाद में बढ़ोतरी की जा रही है।

जमीन बाजार में उछाल

होटल उद्योग के विस्तार का सबसे बड़ा प्रभाव जमीन बाजार पर दिखाई दे रहा है। पर्यटन उपयोग की संभावना वाले भूखंडों की मांग बढ़ने से कई क्षेत्रों में जमीनों के भाव तेजी से बढ़े हैं। हालत यह है कि पूरी तरह से विकसित नहीं हुई आवासीय कॉलोनियों में भूखंड के भाव करोड़ों तक पहुंच गए हैं। रियल एस्टेट कारोबारियों के अनुसार निवेशक अब आवासीय उपयोग से अधिक पर्यटन उपयोग को ध्यान में रखकर भूमि खरीद रहे हैं। इससे निर्माण गतिविधियों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

कमरों की बढ़ती संख्या, प्रतिस्पर्धा भी तीखी

पर्यटन सीजन में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के चलते होटलों और गेस्ट हाउसों में कमरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा पहले की तुलना में अधिक तीखी हो गई है। होटल संचालकों को बेहतर सुविधाएं, आधुनिक सेवाएं और आकर्षक पैकेज देने पड़ रहे हैं। कई प्रतिष्ठान डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन बुकिंग पर विशेष ध्यान दे रहे हैं ताकि पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।

संसाधनों और आधारभूत सुविधाओं पर दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि होटल निर्माण के इस तेजी से बढ़ते विस्तार के साथ शहर के संसाधनों पर दबाव भी बढ़ रहा है। पानी, बिजली, सीवरेज, पार्किंग और यातायात जैसी व्यवस्थाएं पहले से ही चुनौती बनी हुई हैं। पर्यटन सीजन में इन समस्याओं का प्रभाव और अधिक दिखाई देता है। कई आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय निवासियों को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में नियोजित विकास और प्रभावी शहरी प्रबंधन की आवश्यकता महसूस की जा रही है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि जैसलमेर में पर्यटन की संभावनाएं अभी भी व्यापक हैं। हालांकि होटल उद्योग के संतुलित विस्तार, आधारभूत सुविधाओं के विकास और पर्यावरणीय मानकों की पालना पर समान रूप से ध्यान देना होगा, ताकि पर्यटन विकास और शहर की मूल पहचान के बीच संतुलन बना रहे।

फैक्ट फाइल

- 15 लाख से अधिक पर्यटक हर वर्ष पहुंचते हैं स्वर्णनगरी निहारने

-12 से अधिक पर्यटन स्थल बना चुके है विश्व पर्यटन मानचित्र पर पहचान

- 400 से अधिक छोटी व बड़ी होटलों का जैसलमेर में हो रहा संचालन

-30 से अधिक होटलें मौजूदा समय में बन रही है शहरी क्षेत्र में

क्या कहते हैं होटल व्यवसायी

जैसलमेर में पर्यटन का दायरा लगातार बढ़ रहा है देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने के कारण आवासीय सुविधाओं की मांग भी बढ़ी है। इसी वजह से नए निवेशक होटल व्यवसाय में आ रहे हैं। होटल व्यवसायी अल्लादीन के मुताबिक होटलों की संख्या बढ़ने से प्रतिस्पर्धा जरूर बढ़ी है, लेकिन इससे सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। साथ ही शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना समय की आवश्यकता है, ताकि पर्यटन विकास टिकाऊ बन सके।

-वीरेन्द्रसिंह, होटल व्यवसायी