
जैसलमेर में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान तैराकी का प्रशिक्षण लेते बच्चे।
जैसलमेर. गर्मी की छुट्टियां अब केवल आराम और मनोरंजन तक सीमित नहीं रहीं। जैसलमेर में बड़ी संख्या में बच्चे इन दिनों समर कैम्प और हॉबी क्लासेज के माध्यम से अपनी प्रतिभा को नया आयाम देने में जुटे हैं। शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, खेल संघ और प्रशिक्षण संस्थानों में सुबह से शाम तक बच्चों की रौनक दिखाई दे रही है। कहीं रंगों से कैनवास सज रहा है तो कहीं संगीत की धुनों पर कदम थिरक रहे हैं।
कुछ बच्चे तैराकी में प्रशिक्षण ले रहे हैं तो कुछ खेल मैदानों में पसीना बहा रहे है। इसके अलावा कंप्यूटर लैब में नई तकनीक सीखने का उत्साह भी साफ नजर आ रहा है। शहर में इस बार पेंटिंग, स्केचिंग, क्राफ्ट, डांस, संगीत, कराटे, योग, क्रिकेट, बैडमिंटन, स्पोकन इंग्लिश, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, कंप्यूटर, रोबोटिक्स और अबेकस जैसी गतिविधियों की मांग बढ़ी है। कई संस्थानों ने आयु वर्ग के अनुसार विशेष बैच तैयार किए हैं, जहां बच्चों को खेल-खेल में नई चीजें सीखने का अवसर मिल रहा है। प्रशिक्षकों का कहना है कि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में बच्चों की भागीदारी अधिक है। अभिभावक चेतन व्यास, दिनेश कुमार, प्रेम शर्मा आदि का मानना है कि डिजिटल दौर में बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम चिंता का विषय बन गया है। ऐसे में समर कैम्प और हॉबी क्लासेज बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर रखकर रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ रहे हैं। साथ ही उनमें अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास भी हो रहा है। कई बच्चे पहली बार अपनी रुचि के क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर भविष्य के कॅरियर विकल्पों को भी समझने लगे हैं।
-पेंटिंग, स्केचिंग और क्राफ्ट
-तैराकी व एडवेंचर एक्टिविटी
-डांस और संगीत योग, कराटे और फिटनेस
-क्रिकेट, बास्केटबाल व अन्य खेल
-कंप्यूटर, स्पोकन इंग्लिश व पर्सनैलिटी डेवलपमेंट
पहले छुट्टियों में अधिकतर समय घर पर ही निकल जाता था, लेकिन इस बार पेंटिंग क्लास से बहुत कुछ नया सीखने को मिला है। अलग-अलग तकनीकों से चित्र बनाना सीख रहा हूं। अब भविष्य में प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का आत्मविश्वास भी बढ़ गया है।
— आरव शर्मा, विद्यार्थी
डांस और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट क्लास में हर दिन नई गतिविधियां होती हैं। पहले लोगों के सामने बोलने और प्रस्तुति देने में झिझक होती थी, लेकिन अब मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन कर पा रही हूं। छुट्टियां इस बार यादगार बन गई हैं। —नव्या, छात्रा
रोबोटिक्स क्लास में छोटे-छोटे मॉडल बनाकर मशीनों के काम करने का तरीका समझ रहे हैं। यह पढ़ाई से बिल्कुल अलग और बहुत रोचक अनुभव है। अब विज्ञान विषय पहले से ज्यादा पसंद आने लगा है और भविष्य में इंजीनियर बनने की इच्छा भी मजबूत हुई है। — अनन्या भाटी, छात्रा
समर कैम्प केवल समय बिताने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास की प्रभावी प्रयोगशाला बन चुके हैं। कला, खेल, संगीत और तकनीकी गतिविधियां बच्चों में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान की क्षमता, नेतृत्व कौशल और आत्मविश्वास विकसित करती हैं। छुट्टियों के दौरान यदि बच्चों को उनकी रुचि के अनुरूप सीखने का अवसर मिले तो उनका मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास अधिक संतुलित होता है।
-दिलीप चूरा, प्रशिक्षक
Updated on:
22 Jun 2026 09:10 pm
Published on:
22 Jun 2026 09:10 pm
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