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Jaisalmer: ‘सपनों’ की री-नीट परीक्षा शांतिपूर्वक सम्पन्न, 526 में से 478 ने दी परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से रविवार को जैसलमेर के दो परीक्षा केंद्रों पर नीट-2026 की पुनर्परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। दोनों केंद्रों पर पंजीकृत 526 अभ्यर्थियों में से 478 ने परीक्षा दी, जबकि 48 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस बार जिले में परीक्षार्थियों की उपस्थिति 90.87 प्रतिशत दर्ज की गई।

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जैसलमेर. नीट परीक्षा केन्द्र के बाहर का नजारा। पत्रिका

जैसलमेर. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से देश भर की भांति जैसलमेर में रविवार को एक बार फिर नीट परीक्षा- 2026 आयोजित करवाई गई। गौरतलब है कि गत 3 मई को नीट का पर्चा लीक होने के बाद एनटीए ने डॉक्टरी की पढ़ाई में प्रवेश के लिए यह परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित करवाई। जैसलमेर में दो केंद्रों अमर शहीद सागरमल गोपा और किशनीदेवी मगनीराम राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में यह परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई।

दोपहर 2 से सायं 5.15 बजे की अवधि के लिए आयोजित की गई परीक्षा को लेकर सुबह से ही शहर में विशेष हलचल देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की आवाजाही बनी रही, वहीं प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। परीक्षा प्रभारी विशनसिंह राठौड़ ने बताया कि इस बार गोपा विद्यालय केंद्र पर 334 में से 300 और बालिका विद्यालय में 192 में से 178 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस तरह से दोनों केंद्रों पर कुल 526 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, उनमें से 478 ने परीक्षा दी और 48 जने गैर हाजिर रहे। अभ्यर्थियों की उपस्थिति का प्रतिशत 90.87 रहा, जबकि पिछली बार 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा में जैसलमेर में कुल 454 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे, उनमें से 444 ने परीक्षा दी थी। एनटीए की तरफ से अभ्यर्थियों को सेंटर चुनने की छूट दी गई थी, जिससे संख्या में इजाफा हुआ।

समय से काफी पहले पहुंचे अभ्यर्थी

जैसलमेर के दोनों केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से काफी पहले ही अभ्यर्थी अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए केंद्रों पर पहचान पत्र, प्रवेश पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की गई। सुरक्षा मानकों के तहत अभ्यर्थियों की तलाशी लेकर ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच तथा अन्य प्रतिबंधित सामग्री को केंद्र परिसर में ले जाने पर पूरी तरह रोक रही। केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को छोडऩे और बाद में वापस लेने आए। कई अभिभावकों ने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने के लिए परीक्षा पूर्व उन्हें शुभकामनाएं दीं। कई अभ्यर्थियों ने अपने माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और फिर केंद्र में प्रवेश किया।

बस यही प्रार्थना, अब कोई गड़बड़ी न हो

परीक्षा केंद्रों के बाहर खड़े अभिभावकों ने कहा कि बच्चों ने एक बार फिर बहुत मेहनत और धैर्य के साथ तैयारी कर परीक्षा दी है। हमारी यही प्रार्थना है कि, अब कोई गड़बड़ न हो। पुत्री को छोडऩे केंद्र पर आई दुर्गा देवी ने सरकारी व्यवस्थाओं पर विश्वास जताया वहीं अभ्यर्थी पूजा ने कहा कि पिछली बार पेपर अच्छा हुआ था लेकिन पेपर लीक हो जाने के बाद एक बार फिर परीक्षा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिर से पेपर अच्छा होगा। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाहर निकलते अभ्यर्थियों के चेहरों पर राहत और संतोष दिखाई दिया। विद्यार्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र संतुलित रहा तथा अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम आधारित थे, हालांकि कुछ प्रश्नों ने सोचने पर मजबूर किया।

कड़ी निगरानी व्यवस्था रही

दोनों परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी रही। केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया, जिससे अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। परीक्षा के दौरान केंद्र परिसर में अनुशासन और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई और कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि की सूचना नहीं मिली। परीक्षा के सफल आयोजन के बाद शिक्षा और प्रशासनिक महकमे ने राहत की सांस ली। अब अभ्यर्थियों की नजरें परीक्षा परिणाम पर टिकी हैं, जो उनके चिकित्सा शिक्षा के सपनों को नई दिशा देगा