जैसलमेर

Jaisalmer: अफीम-डोडापोस्त के बाद एमडीएमए व स्मैक की दस्तक

परमाणु नगरी पोकरण और इसके आस-पास के ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक अफीम और डोडापोस्त के बाद अब खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स 'एमडी' (MDMA) और स्मैक का चलन तेजी से पैर पसार रहा है। 'सफेद जहर' के नाम से मशहूर इन रासायनिक नशों की बढ़ती आवक और युवाओं में इसका बढ़ता क्रेज पूरे सरहदी क्षेत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी बन चुका है। सुनसान जगहों और खंडहरों में बिखरी पन्नियां इस बात की गवाही दे रही हैं कि नशे का यह बदलता ट्रेंड अब पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों और समाज के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है।

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Jun 13, 2026
jaisalmer pokaran crime
एआई।

पोकरण. पश्चिमी राजस्थान में भारत-पाक सीमा से सटे सरहदी जैसलमेर जिले का परमाणु नगरी पोकरण क्षेत्र, जो बीते कुछ वर्षों तक परंपरागत नशों जैसे अफीम, डोडापोस्त की गिरफ्त में था, वह अब खतरनाक रासायनिक ड्रग्स की तरफ बढ़ता जा रहा है। कस्बे के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सिंथेटिक ड्रग्स एमडीएमए (मिथाइलीनडाइऑक्सी-मेथामफेटामाइन), जिसे आम बोलचाल में एमडी कहते है, के तलबगारों की संख्या बढ़ रही है, जो चिंता का कारण है। गौरतलब है कि पश्चिमी राजस्थान में परंपरागत रूप से अफीम, डोडापोस्त का सेवन होता आया है।

सरकार की ओर से प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद तस्कर अपने नेटवर्क से विक्रय करते है। अफीम व डोडापोस्त के बड़ी संख्या में तलबगार है। दूसरी तरफ अब सरहदी जिले में एमडी व स्मैक की आवक होने लगी है। सफेद जहर की बढ़ती आवक और युवाओं में बढ़ता क्रेज सुरक्षा एजेंसियों, पुलिस के साथ ही समाज के लिए भी गहरी चिंता का विषय बनता जा रहा है। कस्बे के साथ ही आसपास ग्रामीण क्षेत्र में सूनसान जगहों, खंडहरों, सूने पड़े सरकारी भवनों में युवा स्मैक लेते देखे जा सकते है। कई सूने भवनों में स्मैक लेने के बाद बिखरी पड़ी पन्नियां इनकी गवाही दे रही है।

पुलिस की कार्रवाई, डीलर अब भी दूर

बीते कुछ महिनों में आंकड़ों पर नजर डालें तो सरहदी जिले और पोकरण क्षेत्र में एमडी व स्मैक के विरुद्ध पुलिस की ओर से कार्रवाई की जा रही है। पोकरण पुलिस की ओर से एमडी व स्मैक के विरुद्ध पांच माह में दो-दो कार्रवाई और लाठी पुलिस की ओर से गत दिनों एमडी की एक कार्रवाई की गई है। जिनके साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि बड़े तस्कर और डीलर अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। बड़े डीलर के पकड़ में नहीं आने के कारण तस्करी पर लगाम नहीं लग पा रही है।

बढ़ रहे अपराध भी

सरहदी जिले के पोकरण क्षेत्र में लगातार बढ़ती एमडी व स्मैक की आवक से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरहदी जिले तक तस्करों के पांव पसरते जा रहे है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा खतरा है। महंगे नशे की तलब के बाद युवा अपराध की तरफ भी बढऩे लगा है। छोटी-मोटी चोरियों के साथ ही अब अन्य वारदातों के बढऩे की आशंका गहराने लगी है।

बीते 5 माह में हुई कार्रवाई

- 3 फरवरी 2026 को पोकरण में 10.17 ग्राम एमडी के साथ एक आरोपी गिरफ्तार

- 21 फरवरी को 2.17 ग्राम स्मैक के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार

- 22 फरवरी को 5.51 ग्राम एमडी के साथ एक आरोपी गिरफ्तार

- 17 मई को 6.58 ग्राम स्मैक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

- 10 जून को लाठी पुलिस ने 2.35 ग्राम एमडी के साथ एक आरोपी को किया गिरफ्तार

हकीकत: धरपकड़ के साथ रूट पर लगे चोट

क्षेत्र में युवाओं में लगातार स्मैक व एमडी की तलब बढ़ रही है। पुलिस की ओर से सूचना पर कार्रवाई अवश्य की जाती है, लेकिन मुख्य आपूर्तिकर्ता पकड़ में नहीं आ रहे है। छोटे-मोटे दुकानदार पकड़े जाने के बाद तस्कर नए व्यक्ति की तलाश कर उन्हें काम सौंप देते है। इसी प्रकार सरकार को नशामुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाए जाने की भी जरुरत है, ताकि तलबगारों की संख्या को भी कम किया जा सके।

की जा रही गश्त, रख रहे नजर

एमडी व स्मैक के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की ओर से सूचना तंत्र को मजबूत करने के साथ सादे वस्त्रों में भी गश्त बढ़ाई गई है, ताकि एमडी, स्मैक के साथ ही अन्य नशीले पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। आम जनता को भी पुलिस को सहयोग करने के साथ ऐसी गतिविधि की सूचना देने की जरुरत है, ताकि नशे पर लगाम लगाई जा सके।

  • भारतसिंह रावत, थानाधिकारी पुलिस थाना, पोकरण
Published on:
13 Jun 2026 09:11 pm