
जैसलमेर. धूप से बचाव के लिए यूं किए जतन। पत्रिका
जैसलमेर. भीषण गर्मी और प्रचंड लू से त्रस्त जैसलमेर के बाशिंदों के हाल शनिवार को भी ज्यादा दुरुस्त नहीं हो पाए। अधिकतम तापमान में 3.4 डिग्री की गिरावट दर्ज होने के बावजूद हवा में आद्र्रता ज्यादा होने से लोग उमसपूर्ण गर्मी से पसीने में तरबतर होते रहे। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 40.8 और न्यूनतम 29.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो एक दिन पहले शुक्रवार को क्रमश: 44.2 व 28.7 डिग्री रहा था।
पारे में गिरावट के बावजूद जैसलमेर, राजस्थान में लगातार तीसरे दिन सबसे गर्म शहर बना रहा। शनिवार सुबह से तेज हवाओं के कारण मौसम काफी हद तक सुकूनपूर्ण बना हुआ था, जो दिन चढऩे के साथ आसमान में धूल की परत छाई रहने से चिपचिपाहट से भर गया। इससे लोगों को उमस से परेशान कर दिया। दोपहर से लेकर शाम तक कम संख्या में ही लोग सडक़ों व बाजारों में नजर आए। शाम तक भी हालात में खास सुधार नहीं आया। लोगों को अब शीतल हवाओं का इंतजार है, जो फिलहाल पूरा होता नहीं दिखता। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 41-42 डिग्री तक सीमित रहने का अनुमान है और आसमान साफ रहेगा।
पोकरण क्षेत्र में शनिवार को सुबह बदले मौसम से आसमान में घने बादल छा गए, लेकिन दोपहर में निकली तेज धूप व लू के थपेड़ों जनजीवन प्रभावित कर दिया। शनिवार सुबह आसमान में घने बादल छाए हुए थे, जिससे 9 बजे तक सूर्य की किरणें नहीं निकली। तेज हवा चलने से मौसम सुहावना बना हुआ था। सुबह 10 बजे बाद आसमान में बादलों की आवाजाही हो जाने से तेज धूप खिली। दोपहर में भीषण गर्मी के साथ लू के थपेड़े चलने लगे।
रामदेवरा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी का असर मरीजों पर साफ दिखाई दे रहा है। बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले कई मरीजों को पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिलने पर जिला अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। सीमित संसाधनों और डॉक्टरों की कमी के बीच स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध व्यवस्था से उपचार देने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन गंभीर मरीजों को अंततः रेफर करना पड़ता है। प्रभारी चिकित्सक फील्ड दौरे पर होने से ओपीडी में चिकित्सकीय व्यवस्था प्रभावित रहती है। इस दौरान मरीजों की प्रारंभिक जांच और उपचार की जिम्मेदारी वरिष्ठ मेल नर्स के जिम्मे रहती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से एक पद लंबे समय से रिक्त है। ऐसे में एकमात्र चिकित्सक पर अस्पताल की ओपीडी, प्रशासनिक कार्य और फील्ड गतिविधियों की जिम्मेदारी रहती है।
Updated on:
13 Jun 2026 09:05 pm
Published on:
13 Jun 2026 09:04 pm
