सीमावर्ती जैसलमेर के संविदा नर्सिंग कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को अपने रक्त से 101 पोस्टकार्ड लिख कर भेजे हैं।
सीमावर्ती जैसलमेर के संविदा नर्सिंग कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को अपने रक्त से 101 पोस्टकार्ड लिख कर भेजे हैं। वे आगामी भर्ती में संविदा पर सेवाएं दे रहे नर्सेज को वरीयता के साथ बोनस नियमित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे वर्षों से अल्प वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे है। नर्सेज के संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी इन जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो वे आंदोलन को और अधिक उग्र करने के लिए मजबूर होंगे।
उन्होंने आगामी नर्सिंग और पैरामेडिकल भर्ती को पुरानी भर्तियों की तर्ज पर बोनस और मेरिट के आधार पर करवाने की मांग की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में 12,000 नर्सिंग ऑफिसर और 5,000 एएनएम पदों पर नई विज्ञप्ति जारी की जाए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि अनुभव के आधार पर बोनस अंक मिलने से उन संविदा कर्मियों को लाभ मिलेगा जो पिछले कई सालों से सुदूर क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। नर्सिंग यूनियन ने वर्तमान में चल रही ठेका प्रथा को उनके हितों पर कुठाराघात बताया। इसमें युवाओं को बहुत कम वेतन देकर उनका शोषण किया जाता है। नर्सेज ने प्रदर्शन के दौरान राजस्थान सरकार को संविदा कर्मियों को नियमित करने के अपने वादे की याद दिलाई। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी इन जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो वे आंदोलन को और अधिक उग्र करने के लिए मजबूर होंगे।