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रामदेवरा में श्रमिक संघ अधिवेशन, निजीकरण विरोधी हुंकार बुलंद

जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ का सप्तम त्रैवार्षिक अधिवेशन शनिवार को रामदेवरा स्थित जाट धर्मशाला में आयोजित हुआ। अधिवेशन ‘राष्ट्र हित, उद्योग हित और श्रमिक हित’ के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। अध्यक्षता जगदीश प्रसाद दाधीच ने की, उद्घाटन सोहनसिंह जैतमाल ने किया तथा संचालन महामंत्री विनोद सोनी ने किया।

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जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ का सप्तम त्रैवार्षिक अधिवेशन शनिवार को रामदेवरा स्थित जाट धर्मशाला में आयोजित हुआ। अधिवेशन ‘राष्ट्र हित, उद्योग हित और श्रमिक हित’ के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। अध्यक्षता जगदीश प्रसाद दाधीच ने की, उद्घाटन सोहनसिंह जैतमाल ने किया तथा संचालन महामंत्री विनोद सोनी ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीपक चतुर्वेदी और विनोद सोनी के ओजस्वी श्रमिक गीत से हुई। गीत ने उपस्थित सैकड़ों कर्मचारियों में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में जगदीश प्रसाद दाधीच ने प्रबंधन के समक्ष कई ज्वलंत मुद्दे रखे। उन्होंने पाली, हनुमानगढ़ और जोधपुर सर्किल को निजी हाथों में सौंपने की संभावित प्रक्रिया का विरोध करते हुए स्पष्ट किया कि संगठन किसी भी स्थिति में निजीकरण स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने बिजली भत्ता बढ़ाने, साइकिल भत्ते की जटिल प्रक्रिया समाप्त कर समान आदेश लागू करने और ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे ड्यूटी के दबाव को खत्म करने की मांग उठाई। रीडिंग, रेवेन्यू और जीएसएस ड्यूटी एक साथ कराने से उत्पन्न समस्याओं का उल्लेख करते हुए तेल चोरी के मामलों में बिना जांच निर्दोष कर्मचारियों के निलंबन को अनुचित बताया गया।

तकनीकी कर्मचारियों को जयपुर व अजमेर डिस्कॉम की तर्ज पर नियुक्ति तिथि से अपग्रेडेशन लाभ देने, इंटर डिस्कॉम ट्रांसफर नीति लागू करने और समय पर डीपीसी सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। मुख्य अतिथि मुख्य अभियंता प्रेम सिंह चौधरी ने कर्मचारियों को डिस्कॉम की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से बड़ा क्षेत्र होने के बावजूद कर्मचारियों की मेहनत से डिस्कॉम ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है। संगठन के मुद्दों को प्रबंधन स्तर पर रखने, वैध भत्तों का भुगतान सुनिश्चित करने और बिना जांच कार्रवाई पर सख्ती बरतने का आश्वासन दिया गया। 2600 यूनिट के नए प्लांट से बिजली कमी दूर होने और वित्तीय स्थिति मजबूत होने की बात भी कही गई।

अखिल भारतीय राष्ट्रीय सचिव रामकरण रियाड, महासंघ उपाध्यक्ष रमाकांत गौड़, पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र सांखला, स्वागत अध्यक्ष कृष्ण कुमार तायल और जबर सिंह पवार ने संगठन की एकजुटता पर बल दिया। राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य करण सिंह राजपुरोहित, संजय टाक, मोती लाल शर्मा और अरुण कुमार मंचासीन रहे। अंतिम सत्र में आगामी तीन वर्षों के लिए नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से निर्वाचन हुआ। संरक्षक के रूप में सोहन सिंह जेतमाल और जबर सिंह पवार चयनित हुए। अध्यक्ष पद पर करण सिंह राजपुरोहित, महामंत्री विनोद सोनी, कोषाध्यक्ष जीवन लाल देवासी, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र सीकर और संगठन मंत्री शिवदत्त गौड़ निर्वाचित घोषित किए गए। उपाध्यक्ष, मंत्री और कार्यसमिति सदस्यों सहित कुल 65 पदाधिकारियों को दायित्व सौंपे गए। नवनियुक्त अध्यक्ष करण सिंह राजपुरोहित ने आभार व्यक्त करते हुए कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई को और प्रभावी बनाने का संकल्प दोहराया।