प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अगले एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील की है। प्रधानमंत्री की इस अपील का व्यापक असर चर्चाओं के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अगले एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील की है। प्रधानमंत्री की इस अपील का व्यापक असर चर्चाओं के रूप में देखा जा रहा है। विशेषकर महिला वर्ग में इस अपील पर कई तरह की चर्चाएं हैं। जैसलमेर जिले में भी आधी आबादी इस विषय पर जागरुकता का परिचय दे रही है। हालांकि उनके बीच एकराय नहीं है, मत भिन्नता है। राजस्थान पत्रिका की ओर से महिलाओं के साथ ज्वेलर्स से भी इस मसले पर विचार जाने गए। जिसमें उन्होंने अपने व्यवसाय पर विपरीत असर पडऩे की आशंका जताई लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह उपभोक्ताओं की अपनी पसंद व जरूरत का मामला है।
प्रधानमंत्री की अपील देशहित से जुड़ी है तो आम नागरिकों को भी इसे गंभीरता से लेना चाहिए। सोना हमारी परंपरा का हिस्सा जरूर है, लेकिन एक साल तक जरूरत के अनुसार ही खरीदारी करने में कोई बुराई नहीं है। इससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है तो महिलाओं को भी सहयोग करना चाहिए।
- हेमलता कंवर
आज के समय में कई लोग निवेश के लिए भी सोना खरीदते हैं, लेकिन यदि सरकार आयात कम करने और अर्थव्यवस्था को संतुलित रखने के लिए अपील कर रही है तो हमें वैकल्पिक निवेश विकल्पों पर भी ध्यान देना चाहिए। थोड़े समय का संयम देश के लिए अच्छा परिणाम ला सकता है।
- ललिता विश्नोई
राजस्थानी परिवारों में शादी-ब्याह और त्योहारों पर सोने की खरीद परंपरा रही है। ऐसे में लोग अपनी जरूरत के मुताबिक सोने की खरीदारी तो करेंगे ही। हालांकि यदि यह अपील राष्ट्रीय हित में है तो लोग सीमित खरीदारी की ओर जा सकते हैं। महिलाओं में अब जागरूकता बढ़ रही है और वे सोच-समझ कर आर्थिक फैसले करती हैं।
- पार्वती देवी
सोना भावनात्मक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन देशहित का ख्याल तो रखना ही चाहिए। यदि एक साल तक लोग अनावश्यक खरीद से बचेंगे तो विदेशी मुद्रा पर दबाव कम हो सकता है। मध्यम वर्ग भी अब सोच-समझकर निवेश करने लगा है।
- सुशीला देवी
ज्वेलर्स दामोदर सोनी ने कहा कि सरकार की तरफ से सोच समझ कर ही अपील की गई होगी लेकिन सोने का कारोबार लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। इसका व्यवसाय पर निश्चित रूप से असर पड़ेगा। विवाह और अन्य रीति-रिवाजों के लिए सोना खरीदना जरूरी होता है। इसके अलावा जमीन और सोने में किया गया निवेश हमेशा लाभ दिलाता है। यदि खरीदारी पूरी तरह प्रभावित होती है तो छोटे व्यापारियों और कारीगरों पर असर पड़ेगा। संतुलित तरीके से लोगों को जागरूक करना ज्यादा बेहतर रहेगा। नवीन सोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद आमजन में असमंजस देखा जा रहा है। वे यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि आने वाले समय में सोना सस्ता होगा या फिर महंगा। ऐसे में वे अपनी समझ के अनुसार कदम उठाएंगे। जैसलमेर जैसे शहरों में शादी सीजन के दौरान सोने की मांग स्वाभाविक रहती है। ग्राहक पूरी तरह खरीद बंद नहीं करेंगे, लेकिन हल्के वजन और जरूरत आधारित आभूषणों की ओर रुझान बढ़ सकता है। बाजार में इसका असर जरूर दिखाई देगा। कारोबार को बनाए रखने के लिए उद्योग और सरकार के बीच संतुलन जरूरी रहेगा।