स्वर्णनगरी में इन दिनों देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी उमड़ रहे हैं। गुलाबी सर्दी, सुहावना मौसम और पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचने के कारण शहर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों पर रोजाना हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं।
स्वर्णनगरी में इन दिनों देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी उमड़ रहे हैं। गुलाबी सर्दी, सुहावना मौसम और पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचने के कारण शहर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों पर रोजाना हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं। सोनार दुर्ग, गड़ीसर सरोवर, पटवों की हवेली, नथमल की हवेली, व्यास छतरी और सम सैंड ड्यून्स जैसे स्थलों पर दिनभर चहल-पहल बनी हुई है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन, पर्यटन विभाग और पुलिस की ओर से क्राउड मैनेजमेंट के विशेष इंतजाम भी अमल में लाए गए हैं। प्रशासनिक तंत्र की असली परीक्षा आगामी क्रिसमस और न्यू ईयर के मौके पर होगी। जब हजारों की सीमा को पार कर लाखों की तादाद में सैलानियों के आगमन की पूर्ण संभावनाप है। ऐसे में क्राउड मैनेजमेंट इसलिए भी जरूरी है कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ शहर की व्यवस्थाएं भी सुचारू बनी रहे।
विश्व धरोहर सोनार दुर्ग पर सबसे अधिक दबाव देखने को मिल रहा है। यहां प्रतिदिन हजारों सैलानी दुर्ग भ्रमण के लिए पहुंच रहे हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए दुर्ग क्षेत्र में प्रवेश और निकास का एक ही मार्ग होने के चलते यहां खास प्रबंध किए जाने की हमेशा जरूरत रहती है। गोपा चौक में अखे प्रोल से लेकर दुर्ग की घाटियों पर पुलिस बल के अलावा पर्यटक सहायता बल और होमगार्ड की तैनाती बढ़ाई गई है। दुर्ग के भीतर संकरी गलियों में बाहरी वाहनों को जाने की अनुमति नहीं है। जिससे जाम की स्थिति न बने और किसी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके। हालांकि बड़े पर्यटक समूहों को चरणबद्ध तरीके से प्रवेश देने की व्यवस्था करने की अभी जरूरत है। पटवा हवेलियों तक जाने के लिए वर्तमान में चार पहिया के साथ तिपहिया वाहनों का एक ही मार्ग निर्धारित है। पूर्व में गलियों से होकर जो रास्ता निकलता था, वहां से टैक्सियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। गड़ीसर सरोवर और आसपास के पर्यटन क्षेत्र में भी भीड़ प्रबंधन पर ध्यान दिया जा रहा है, इसमें और बढ़ोतरी करने की जरूरत है।
सैलानियों को सबसे ज्यादा सुकून अखे प्रोल के बाहर व भीतर महसूस होता है। दुर्ग के टैक्सी स्टैंड को हटाए जाने और चुग्गाघर को हटाने से बहुत बड़ा क्षेत्र पर्यटकों के तसल्ली से खड़ा रहने व बैठने की अच्छी व्यवस्था हो गई है। दुर्ग के भीतर से अनावश्यक वाहनों को हटाए जाने से पूरा क्षेत्र विस्तृत हो गया है। इसके अलावा रिंग रोड से अपराह्न 3 बजे तक वाहनों की पार्किंग हटाए जाने से यह इलाका सैलानियों की तफरीह व आवाजाही के लिए मुफीद हो गया है। हालांकि साथ ही एसबीआइ चौराहा के आसपास अन्य सडक़ों पर वाहनों का जमघट बढ़ गया है।
शहर के बाजारों से लेकर पर्यटक महत्व वाले क्षेत्रों में पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए पैदल भ्रमण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यहां तिपहिया वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण रखा गया है, ताकि संकरी सडक़ों पर जाम न लगे। पर्यटन स्थलों पर सूचना बोर्ड, दिशासूचक संकेत से सैलानियों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है। वहीं, पुलिस कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। सम सैंड ड्यून्स की ओर जाने वाले मार्ग पर भी यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत हुई है। सम तक दोहरा सडक़ मार्ग बनाए जाने से राहत मिली है।
पर्यटन विशेषज्ञ पदमसिंह बताते हैं कि जैसलमेर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए सैलानियों को बेहतर अनुभव देना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से क्राउड मैनेजमेंट, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था पर लगातार काम किया जा रहा है। आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढऩे की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त इंतजाम भी किए जाने चाहिए ताकि जैसलमेर की पर्यटन छवि और अधिक मजबूत हो सके।