
जैसलमेर.पर्यटन को जैसलमेर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी माना जाता है। जुलाई माह की शुरुआत के साथ आने वाले दिनों में पर्यटन सीजन का भी आगाज हो जाएगा। देश-दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से जैसलमेर भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों को सुविधा, सुकून और सुव्यवस्था उपलब्ध करवाना शासन-प्रशासन के विभिन्न अंगों की जिम्मेदारी है। ऐसा होने से यहां आने वाले पर्यटक संतुष्ट और खुश होकर अन्य पर्यटकों को जैसलमेर जाने के लिए निश्चित रूप से प्रेरित करेंगे।
पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले शहर की साफ-सफाई, लपकों पर अंकुश, ऑनलाइन ठगी करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, स्वच्छंद घूमते पशुओं की धरपकड़ पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। इससे पर्यटकों को सुकून मिल सकेगा।
- कमलसिंह राजपुरोहित
देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए ऐतिहासिक स्थलों पर स्पष्ट सूचना पट्ट, प्रशिक्षित गाइड, सुरक्षा व्यवस्था और बहुभाषी सूचना सामग्री उपलब्ध करानी चाहिए। साथ ही प्रमुख स्मारकों पर स्वच्छता और रखरखाव पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
- कमलसिंह
पर्यटन सीजन स्थानीय व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। प्रशासन को बाजार क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाकर सुचारु यातायात सुनिश्चित करना चाहिए। रात के समय बेहतर रोशनी, सुरक्षा और पार्किंग की व्यवस्था से पर्यटक अधिक समय तक बाजारों में रुकेंगे, जिससे व्यापार को भी लाभ मिलेगा।
- आईदान सिंह
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिकित्सा सुविधाएं, आपातकालीन सहायता, हेल्पलाइन, महिला सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही स्थानीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएं, ताकि जैसलमेर की सकारात्मक छवि और मजबूत हो।
- गजेन्द्रसिंह
मानसून काल में होने वाली बरसातों को अमृत तुल्य माना जाता है। विशेषकर जैसलमेर जैसे मरुस्थलीय क्षेत्र में इसका महत्व अत्यधिक है। इस पानी को कैसे सहेजा जाए, इस पर अपनी फोटो मय प्रतिक्रिया निम्न नम्बर पर भिजवाएं। 9462246222
जैसलमेर. ग्राम पंचायत जनसुनवाई में ग्रामीणों ने अतिक्रमण के विरुद्ध ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी एनएच पर 100 गुणा 100 मीटर के भवन, पटवार घर, अराई क्वाटर और बस स्टैंड पर अवैध कब्जा किया गया है। इसके अतिरिक्त, 1996 में निर्मित दुकानें, दोहली पेड पर 300 गुणा 300 मीटर की पट्टाशुदा जमीन और सीआइडी ऑफिस पर भी अतिक्रमण किया गया है। ग्रामीणों ने फुलासर तालाब पर भी अतिक्रमण का उल्लेख किया, जिससे इलाके में जल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने जनसुनवाई प्रभारी से सभी अतिक्रमण हटाने की मांग की है। इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में रोष है।