जैसलमेर

Jaisalmer Weather: मोहनगढ़ में काले घने बादल छाए, सुबह से हो रही बरसात, पोकरण और रामदेवरा में भी चला बारिश का दौर

Jaisalmer Weather Today: जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ में शुक्रवार सुबह ही मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह से ही घने काले बादल छाए और बारिश शुरू हो गई।

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Jun 27, 2025
सुबह के समय हुई बारिश का नजारा (फोटो- पत्रिका)

Jaisalmer Weather Today: जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए रहे और वातावरण में अजीब सी उमस महसूस की जा रही थी। रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला शुरू हुआ और फिर झमाझम बारिश ने पूरे कस्बे को भिगो डाला।


बारिश के चलते गलियों और सड़कों पर पानी बहता नजर आया। जगह-जगह पानी भरने से राहगीरों को थोड़ी परेशानी भी उठानी पड़ी। परनालों और नालियों से पानी उफान मारता हुआ बहने लगा। कई दुकानों के आगे पानी जमा हो गया, जिससे दुकानदारों को असुविधा हुई। हालांकि, इस बारिश ने लंबे समय से गर्मी और लू से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी। बारिश के बाद मौसम में ठंडक घुल गई और हवाओं में ठंडा अहसास होने लगा।


ग्रामीणों के चेहरे खिले


कृषि पर निर्भर ग्रामीणों के चेहरों पर भी खुशी साफ नजर आई। खेतों में नमी आने से आगामी फसल की तैयारी के लिए यह बारिश बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गर्मी ने बेहाल कर रखा था। लेकिन आज की बारिश ने मौसम सुहाना बना दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। मौसम के इस बदलाव से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।


स्वर्णनगरी में गुरुवार शाम हुई बारिश


तेज धूप और झुलसाने वाली उमस से रूबरू स्वर्णनगरी के बाशिंदों की पिछले कई दिनों से अधूरी बरसात की आस गुरुवार शाम पूरी हुई। धीमी गति से बूंदाबांदी से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला देखते ही देखते झमाझम बारिश में तब्दील हो गया। चंद मिनटों की बरसात से ही सडकों व गलियों में पानी बहने लगा और परी के परनालों से झरनों की शक्ल में बरसाती पानी जमीन पर गिरते रहे।


शाम करीब 5.50 बजे शुरू हुई बरसात पहले लगातार आधे घंटे तक तेज गति से चली और उसके बाद रुक-रुक कर यह सिलसिला चलता रहा। बारिश में नहाने का लुत्फ उठाने के लिए लोग घरों की छत्तों और गलियों सड़कों पर निकल गए।


पोकरण और रामदेवरा में भी हुई बारिश


उधर, पोकरण और रामदेवरा सहित कई ग्रामीण अंचलों में भी शाम के समय बरसात का दौर चला। इससे खरीफ की फसलों की बुवाई के लिए तैयार बैठे किसानों के चेहरों पर रौनक आ गई है। हालांकि, बरसात के दौरान भी शहर में मौसम परिवर्तन के संकेत नहीं मिले और उमस का असर बरकरार रहा।


प्रदेश में सबसे गर्म रहा जैसलमेर


इससे पहले जैसलमेर एक बार फिर गर्मी के मामले में राजस्थान भर में अव्वल रहा। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 41.3 और न्यूनतम 30.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर के बाद बाड़मेर दूसरे स्थान पर रहा। गुरुवार सुबह से वातावरण में नमी छाई हुई थी और इस वजह से मॉर्निंग वॉकिंग करने वाले लोगों को खूब पसीना बहाना पड़ा। दिन चढने के साथ धूप की तपिश में भी बढ़ोतरी हो गई और वातावरण में उमस की मौजूदगी बनी रही।


33 एमएम बारिश दर्ज


पोकरण कस्बे में गत कई दिनों से चल रहे भीषण गर्मी के दौर के बाद गुरुवार शाम करीब 30 मिनट तक हुई तेज झमाझम बारिश से मौसम खुशगवार हो गया। कस्बे के तहसील कार्यालय में लगे रेनगेज के अनुसार 33 एमएम बारिश दर्ज की गई। गुरुवार सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही लगी हुई थी और गर्मी के साथ उमस का मौसम बना हुआ था।


दोपहर में हवा रुक जाने के कारण उमस बढ़ गई, जिससे आमजन का बेहाल हो गया। गर्मी व उमस के चलते मुख्य मार्गों पर चहल पहल कम नजर आई। दोपहर 2 बजे बाद आसमान में घने बादल छा गए। करीब 5 बजे तेज आंधी के बाद बारिश का दौर शुरू हुआ, जो करीब 30 मिनट तक जारी रहा। तेज बारिश से छतों से परनाले बहने लगे और सड़कों पर पानी जमा हो गया।


गली-मोहल्लों में तेज बहाव के साथ पानी बहने लगा। तेज बारिश से एकबारगी जन-जीवन थम सा गया। बारिश के साथ ही तेज हवा चलने लगी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश के साथ ही कस्बे की बिजली गुल हो गई, जो देर शाम तक सुचारू नहीं हो पाई थी।


बाढ़ बचाव तैयारियों पर होगी अहम बैठक आज


जैसलमेर जिले में संभावित जलभराव और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारियों को लेकर शुक्रवार को शाम 6 बजे बैठक आयोजित की जाएगी। यहां बैठक कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वीस कक्ष में होगी, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर प्रताप सिंह करेंगे। अत्तिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम ने बताया कि मानसून 20255 के मद्देनजर जन-धन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह बैठक बुलाई गई है। इसमें बाढ़ राहत, जलभराक प्रबंधन, और समन्वित कार्रवाई जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

Published on:
27 Jun 2025 09:05 am
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