
जैसलमेर . देश की बढ़ती जनसंख्यां को नियंत्रित करने के लिए अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की परिवार कल्याण विंग सरहदी जैसलमेर जिले में एक पखवाड़े तक पुरुषों की नसबंदी का अभियान चलाएगी। इसके लिए विभाग बड़े स्तर पर तैयारी में जुटी हुई है। जानकार सुत्रों के अनुसार महिला नसबंदी के बाद भी जनसंख्यां के बढ़ते दायरे को देखते हुए पुरुष नसबंदी करने की योजना बनाई गई है। इसमें अब एएनएम, आशा सहयोगिनियों व व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महिलाओं की तरह पुरुषों को भी नसबंदी करने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में अब महिलाओं को नसबंदी के लिए प्रेरित करने वाली यह विंग आगामी दिनों में घर-घर जाकर पुरुषों को नसबंदी के फायदे बताकर पुरुषों को परिवार कल्याण विभाग की ओर से मनाए जा रहे पुरुष नसबंदी पखवाड़े में पहुंच कर नसबंदी करवाने के लिए प्रेरित करेंगी।
यह आ सकती है दुविधा
जानकारों की माने तो जैसलमेर जैसे जिले में पुरुषों को नसबंदी के लिए राजी करना बड़ी चुनौति बना हुआ है। शैक्षणिक व वैज्ञानिक दृष्टी से पिछड़े इस जिले में महिला कार्मिकों के लिए नसबंदी की बात करना भी बड़ी चुनौति है। गौरतलब है कि जिले में पुरुष नसबंदी के लिए मर्दों को प्रेरित करने के लिए पुरानी विंग आशा सहयोगिनी, एएनएम व व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन इस विंग में सभी महिला कार्मिक ही कार्यरत है। ऐसे में पुरुषों को उनके लिए नसबंदी की बात कर उन्हें नसबंदी की उपयोगिता बताना काफी मुश्किलभरा साबित हो सकता है। फिर भी विभाग ने पुरुष नसबंदी को स्वीकार करते हुए इस योजना को सफल बनाने की कवायद शुरू कर दी है।
पुरुष नसबंदी को लेकर ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला
पुरुष नसबंदी पखवाड़े को लेकर ब्लॉक सम व जैसलमेर में बुधवार को ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला हुई।
इसमें खण्ड क्षेत्र की एएनएम, आशा सहयोगिनियों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सम की कार्यशाला स्वास्थ्य भवन सभागार व जैसलमेर की कार्यशाला जैसलमेर के सभागार में हुई। इसमें डॉ. आर.पी. गर्ग व डॉ. बी.एल. बुनकर ने कहा कि जिम्मेदार पुरुष की यही पहचान है कि वह परिवार नियोजन में अपना योगदान दें। उन्होंने पुरुष नसबंदी के विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जानकारी दी। चिकित्सा संस्थानों पर कार्यरत परामर्शदाताओं की ओर से भी लाभार्थियों को परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों जानकारी देने की बात कही। कार्यशाला में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.पी. गर्ग, परमसुख सैनी, उमेश आचार्य, पवन शर्मा व चतुरसिंह ने पुरुष नसबंदी पखवाड़े की जानकारी दी।