
जैसलमेर. लंबे इंतजार के बाद अब स्वर्णनगरी जैसलमेर को आधुनिक डिजिटल निगरानी व्यवस्था मिलने जा रही है। शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों, चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की शुरुआत हो गई है। जिससे पूरे शहर पर चौबीसों घंटे 'तीसरी आंख' की नजर रहेगी। नगरपरिषद की ओर से की जा रही इस पहल का मुख्य उद्देश्य भले ही साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखना हो लेकिन इससे घटित होने वाले अपराधों व अन्य अवांछनीय गतिविधियां भी राडार पर रहेंगी। इस तरह से यह स्वच्छता निगरानी, यातायात व्यवस्था और पर्यटन क्षेत्रों की सुरक्षा को भी अधिक प्रभावी बनाएगी। नगरपरिषद की तरफ से शहर भर में उच्च क्षमता वाले कुल 240 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। 3.08 करोड़ रुपए व्यय वाली इस योजना में पहले स्थानों का चिन्हीकरण किया गया और बाद में पोल व एंगल लगाने के बाद अब अंतिम तौर पर कैमरों को लगाने का काम शुरू हो गया है। इन कैमरों का कमांड रूम नगरपरिषद कार्यालय की पहली मंजिल पर होगा, वहां निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद सभी कैमरों का नेटवर्क स्थापित होगा।
नगरपरिषद की तरफ से कैमरों की स्थापना के बाद पुलिस विभाग को भी इसका लाभ दिलाने के लिए एक्सेस दिया जागएा। इस तरह से संयुक्त रूप से शहर के लिए डिजिटल सुरक्षा नेटवर्क तैयार हो सकेगा। कार्य योजना के तहत प्रमुख बाजारों, पर्यटन स्थलों, प्रवेश मार्गों, भीड़भाड़ वाले चौराहों और संवेदनशील स्थानों को कैमरों की निगरानी में लाया जाना है। कैमरों की रिकॉर्डिंग एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से जुड़ी रहेगी, जहां से हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी।
- कैमरा व्यवस्था शुरू होने के बाद जैसलमेर में सार्वजनिक स्थलों पर थूकने से लेकर कचरा और गंदगी फैलाने पर जुर्माना लगाया जा सकेगा। कचरा फैलाते ही कंट्रोल रूप की सूचना पर नगरपरिषद की टीम तुरंत मौके पर पहुंच कर 500 से 2500 रुपए तक का जुर्माना लगाएगी।
- नगरपरिषद कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। बड़ी-बड़ी स्क्रीन्स लगाई जाएंगी। जहां बैठ कर 24 घंटे कर्मचारी लाइव मॉनिटरिंग करेंगे। कंट्रोल रूम की सूचना पर सफाई टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेगी।
- शहर में कई लोग सडक़ों पर चलते-फिरते थूक देते हैं या घर का कचरा चुपके से गली के कोने में डाल देते हैं। जो भी व्यक्ति गंदगी फैलाते हुए पाया जाएगा, उससे जुर्माना वसूला जाएगा।
- नई व्यवस्था लागू होने के बाद शहर में होने वाली हर महत्वपूर्ण गतिविधि कैमरों में रिकॉर्ड होगी। चोरी, झपटमारी, वाहन चोरी, सडक़ दुर्घटनाओं और अन्य आपराधिक घटनाओं की जांच में पुलिस को तुरंत साक्ष्य उपलब्ध हो सकेंगे। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की गतिविधियों पर भी तत्काल नजर रखी जा सकेगी। पर्यटन सीजन में लाखों पर्यटकों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को भी इससे नई मजबूती मिलेगी।
- अवैध पार्किंग और मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर भी निगरानी आसान होगी। इससे शहर में अनुशासन और स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
- 3.08 करोड़ रुपए की आएगी लागत
- 240 सीसीटीवी कैमरे स्थापित होंगे
- 05 किमी क्षेत्रफल में फैला है जैसलमेर
- 20 लाख सैलानी आते हैं प्रतिवर्ष
विश्व प्रसिद्ध जैसलमेर शहर को इस डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे साफ-सफाई व्यवस्था सुदृढ़ होने के साथ अन्य कई जनहितकारी कार्यों में मदद मिलेगी। आने वाले समय में यह जैसलमेर को स्मार्ट, सुरक्षित और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
- लजपालसिंह सोढ़ा, आयुक्त, नगरपरिषद जैसलमेर