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राजस्थान: LDC पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी शिक्षक पदम सिंह सस्पेंड, 2 इनविजिलेटर भी निलंबित

LDC Paper Leak: एलडीसी भर्ती परीक्षा नकल मामले में मुख्य आरोपी शिक्षक पदम सिंह को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। परीक्षा हॉल से पेपर बाहर ले जाने के आरोप और जेल में रहने के आधार पर कार्रवाई की गई। मामले में शामिल दो अन्य वीक्षक भीम सिंह और जालम सिंह भी सस्पेंड किए गए हैं।
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Rajasthan LDC Paper Leak

मुख्य आरोपी शिक्षक पदम सिंह सस्पेंड (फोटो सोशल मीडिया)

Rajasthan LDC Paper Leak: जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में आयोजित एलडीसी भर्ती परीक्षा में हुई धांधली और नकल के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की प्राथमिक रिपोर्ट और मुख्य आरोपी शिक्षक के न्यायिक अभिरक्षा में जाने के बाद जोधपुर के संयुक्त शिक्षा निदेशक ने आरोपी शिक्षक पदम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही परीक्षा के दौरान कमरा नंबर 10 में ड्यूटी पर तैनात दो वीक्षकों (इनविजिलेटर) भीम सिंह और जालम सिंह पर भी गाज गिरी है, उन्हें भी सस्पेंड कर दिया गया है।

बता दें कि निलंबन काल के दौरान सस्पेंड किए गए आरोपी शिक्षक पदम सिंह का मुख्यालय ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पोकरण तय किया गया है। हालांकि, इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि नामजद आरोपी और स्कूल के प्रिंसिपल (केंद्राधीक्षक) पर अब तक निलंबन की कार्रवाई क्यों नहीं हुई है। इसके साथ ही प्रिंसिपल समेत तीन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं।

प्रिंसिपल के खिलाफ अब तक क्यों नहीं हुई कार्रवाई?

मामले में नामजद केंद्राधीक्षक उम्मेद सिंह के निलंबन को लेकर जब विभागीय अधिकारियों से सवाल किया गया, तो नियमों की स्थिति साफ हुई। जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) महेश बिस्सा के अनुसार, शिक्षा विभाग के नियमों के तहत किसी प्रधानाचार्य को सस्पेंड करने का अधिकार संयुक्त निदेशक के पास नहीं होता।

प्रिंसिपल स्तर के अधिकारी को निलंबित करने का अधिकार केवल माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर के पास सुरक्षित है। इसीलिए प्रिंसिपल के निलंबन से जुड़ी फाइल बीकानेर भेजी गई है और उनके खिलाफ निलंबन का आदेश वहीं से जारी किया जाएगा।

सिलसिलेवार समझें पूरा मामला

  • 5 जुलाई को स्वामी विवेकानंद मॉडल उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर एलडीसी भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही थी। परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात शिक्षक पदम सिंह ने बड़ी ही चालाकी से अटेंडेंस रजिस्टर के बीच में प्रश्नपत्र छिपाया और उसे परीक्षा कक्ष से बाहर निकाल लिया, ताकि परीक्षार्थी को उत्तर उपलब्ध कराए जा सकें।
  • 8 जुलाई को घटना के उजागर होने पर मामले ने तूल पकड़ा। करीब 72 घंटे बाद जिला शिक्षा अधिकारी की लिखित शिकायत पर शहर के कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने संगठित परीक्षा अपराध अधिनियम के तहत केंद्र अधीक्षक उमादत्त सिंह, निरीक्षक पुखराज सिंह, परीक्षार्थी महिला अभ्यर्थी मनु कंवर और दो वीक्षकों समेत 5 नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया।
  • 9 जुलाई को मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मुख्य साजिशकर्ता शिक्षक/लिपिक पदमसिंह तथा नकल का लाभ लेने वाली महिला परीक्षार्थी मनु कंवर को गिरफ्तार कर लिया।
  • 10 से 11 जुलाई के बीच गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। कोर्ट ने मामले की गहराई से पूछताछ और साक्ष्य जुटाने के लिए मुख्य आरोपी पदम सिंह को 4 दिन और मनु कंवर को 1 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए।
  • 14 से 15 जुलाई के बीच जब रिमांड की अवधि पूरी हुई, तो आरोपियों के वकीलों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। पदम सिंह के वकील ने अदालत में दावा किया कि पुलिस हिरासत के दौरान उनके मुवक्किल के साथ मारपीट की गई, जिससे उसके कान का पर्दा फट गया।
  • वहीं दूसरी ओर, महिला आरोपी मनु कंवर की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अदालत ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए डॉक्टरों के एक विशेष मेडिकल बोर्ड से आरोपियों की जांच कराने के निर्देश दिए।
  • 16 से 17 जुलाई के दौरान चिकित्सकीय जांच और पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों मुख्य आरोपियों पदम सिंह और मनु कंवर को राहत दे दी। कोर्ट ने दोनों को 1-1 लाख रुपए के निजी मुचलके और 50-50 हजार रुपए की जमानत राशि पर रिहा करने का आदेश जारी किया।

भले ही मुख्य आरोपी शिक्षक और परीक्षार्थी को अदालत से जमानत मिल गई हो, लेकिन शिक्षा विभाग की प्रशासनिक कार्रवाई जारी है। तीन विभागीय कर्मचारियों के निलंबन के बाद अब सभी की नजरें बीकानेर शिक्षा निदेशालय पर टिकी हैं, जहां से आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ कड़ा फैसला आने की संभावना है।

वहीं, दूसरी ओर पुलिस की टीमें अभी भी फरार चल रहे केंद्राधीक्षक उम्मेद सिंह और अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। जिला शिक्षा विभाग का कहना है कि परीक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।