गतिविधियां अब मुख्य रूप से सुबह और शाम के समय ही सीमित हो गई हैं। तेज धूप से बचाव के लिए अब छाते, गॉगल्स और स्कार्फ आम जरूरत बन गए हैं।
भीषण गर्मी और तेज धूप ने शहर की जीवनशैली को पूरी तरह बदल दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि जैसलमेर 'सन बर्न सिटी' के रूप में ट्रेंड करता नजर आ रहा है। सुबह से ही तेज धूप और लू के थपेड़े लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर रहे हैं, जबकि दोपहर के समय शहर की सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। गतिविधियां अब मुख्य रूप से सुबह और शाम के समय ही सीमित हो गई हैं। तेज धूप से बचाव के लिए अब छाते, गॉगल्स और स्कार्फ आम जरूरत बन गए हैं। बाजारों में इनकी मांग में तेजी आई है। युवाओं के बीच यह केवल सुरक्षा नहीं बल्कि फैशन का हिस्सा भी बन गया है।
हल्के रंगों और सूती कपड़ों की मांग बढ़ गई है, जबकि भारी और सिंथेटिक कपड़ों से लोग दूरी बना रहे हैं। इस बदलाव ने स्थानीय बाजारों के ट्रेंड को भी प्रभावित किया है। खानपान की आदतों में भी बड़ा परिवर्तन देखा जा रहा है। तले-भुने और मसालेदार भोजन से लोग दूरी बना रहे हैं, जबकि ठंडे पेय पदार्थ, जूस, लस्सी और शरबत की मांग तेजी से बढ़ रही है। शहर के बाजारों में इन उत्पादों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। दुकानदारों के अनुसार गर्मी बढ़ने के साथ ठंडे उत्पादों की खपत लगातार बढ़ती जा रही है।
-दोपहर में बाजार और मुख्य सड़कें लगभग खाली नजर आती हैं
-लोग आवश्यक कार्य सुबह और शाम के समय ही पूरा कर रहे
-स्कूल और निजी कार्यालयों में समय सारणी में बदलाव शुरू हुआ
-कूलर और एयर कंडीशनर की बिक्री और उपयोग में तेजी आई
-सोशल मीडिया पर भी इस भीषण गर्मी का असर स्पष्ट नजर आ रहा है।
- विभिन्न प्लेटफॉर्म पर गर्मी से जुड़े मीम्स तेजी से वायरल हो रहे हैं।
इन दिनों शहर का तापमान 43 -44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जो सामान्य से अधिक है। लगातार बढ़ते तापमान के चलते आने वाले दिनों में भी इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञ डॉ. आरके पालीवाल का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान में इस समय गर्मी का चरम दौर चल रहा है, जिसमें तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज हो रहा है। तेज धूप और शुष्क हवाएं शरीर पर सीधा असर डालती हैं, जिससे हीट स्ट्रेस और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में हल्के और ढीले कपड़े पहनना, सिर को ढककर रखना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आवश्यक है। दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और खानपान में तरल पदार्थों को प्राथमिकता दें, ताकि शरीर का संतुलन बना रहे।