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जैसलमेर में पारा 46 डिग्री पार, सीजन की सबसे भीषण गर्मी दर्ज

मरुस्थलीय क्षेत्र में गर्मी ने अब विकराल रूप लेना शुरू कर दिया है। रविवार को जैसलमेर में इस सीजन का सर्वाधिक तापमान 46.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस वर्ष का अब तक का सबसे अधिक तापमान है।

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मरुस्थलीय क्षेत्र में गर्मी ने अब विकराल रूप लेना शुरू कर दिया है। रविवार को जैसलमेर में इस सीजन का सर्वाधिक तापमान 46.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस वर्ष का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान भी 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जिससे रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल सकी।

एक दिन पहले शनिवार को अधिकतम तापमान 44.9 डिग्री और न्यूनतम 29.4 डिग्री दर्ज किया गया था। महज 24 घंटे के भीतर तापमान में 1.1 डिग्री की बढ़ोतरी ने गर्मी की तीव्रता को और बढ़ा दिया। लगातार बढ़ते तापमान ने आमजन के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी बेहाल कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है। तेज धूप और लू के थपेड़ों के कारण लोग आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजारों में भी दोपहर के समय भीड़ कम देखने को मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और अधिक गंभीर बनी हुई है, जहां पानी और छांव की कमी के चलते परेशानी बढ़ रही है।

चिकित्सकों ने भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से लू से बचाव के उपाय अपनाने के लिए कहा गया है। मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन और आमजन दोनों के लिए सतर्क रहना जरूरी हो गया है। गर्मी के इस दौर में जल प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है।

आग उगलती सूर्य की किरणों के साथ भीषण गर्मी व लू के थपेड़ों से आमजन का बेहाल हो रहा है। गत कुछ दिनों से सूर्य अपना रौद्र रूप धारण किए हुए है। ऐसे में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। हालात इस कदर है कि सुबह दिन चढऩे के साथ सूर्य की किरणें तेज होने लगती है और सुबह 10 बजे ही लू के थपेड़ों का दौर शुरू हो जाता है, जो देर शाम तक भी जारी रहता है। देर रात तक भीषण गर्मी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। शनिवार रात आसमान में बादल छा गए और करीब 9 बजे हल्की रिमझिम फुहारें चली। उससे राहत तो नहीं मिली, लेकिन उमस बढ़ गई। रविवार को भी कुछ ऐसे ही हालात रहे। सुबह 9 बजे तापमान में हुई बढ़ोतरी के बाद लू के थपेड़ों का दौर शुरू हो गया, जो शाम तक भी जारी रहा। तापमान में हुई बढ़ोतरी के कारण आमजन का बेहाल हो गया।