पर्यटननगरी जैसलमेर में रविवार से पहली बार गर्मियों के ऑफ सीजन में हवाई सेवा शुरू होने जा रही है। अब तक हर वर्ष अप्रेल से सितंबर के बीच उड़ानें बंद रहती थीं, लेकिन इस बार यह परंपरा टूट रही है।
पर्यटननगरी जैसलमेर में रविवार से पहली बार गर्मियों के ऑफ सीजन में हवाई सेवा शुरू होने जा रही है। अब तक हर वर्ष अप्रेल से सितंबर के बीच उड़ानें बंद रहती थीं, लेकिन इस बार यह परंपरा टूट रही है। नई व्यवस्था के तहत जयपुर-जैसलमेर के बीच सप्ताह में दो दिन नियमित फ्लाइट संचालित होगी, जिससे शहर की कनेक्टिविटी पूरे वर्ष बनी रहेगी। यह फ्लाइट सेवा सप्ताह में रविवार और गुरुवार को संचालित होगी। 78 सीटों वाले विमान के जरिए यात्रियों को सीधी हवाई सुविधा मिलेगी। अब तक सड़क या रेल मार्ग से जयपुर पहुंचने में 10 से 12 घंटे लगते थे, वहीं नई उड़ान के शुरू होने से यह यात्रा महज 1 घंटा 45 मिनट में पूरी हो सकेगी।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों ने इस पहल को महत्वपूर्ण बदलाव बताया है। उनका मानना है कि ऑफ सीजन में हवाई सेवा शुरू होना जैसलमेर के टूरिज्म सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित होगा। इससे देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच आसान होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस सेवा को शुरू करने में स्थानीय होटल संचालकों और टूर ऑपरेटर्स की अहम भूमिका रही है। उन्होंने एयरलाइन को संभावित घाटे की भरपाई का भरोसा दिलाया, जिससे यह सेवा संभव हो सकी। इससे गाइड, टैक्सी चालक, हस्तशिल्प व्यवसायी और अन्य पर्यटन आधारित रोजगारों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
जैसलमेर की लगभग 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था पर्यटन पर निर्भर है। सर्दियों में यहां पर्यटकों की संख्या अधिक रहती है, जबकि गर्मियों में गिरावट आती है। इस चुनौती से निपटने के लिए इस बार नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है, ताकि ऑफ सीजन में भी पर्यटक आकर्षित हो सकें। फ्लाइट का समय इस तरह निर्धारित किया गया है कि जयपुर पहुंचने वाले यात्री वहां से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे महानगरों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट आसानी से पकड़ सकें। साथ ही, दिल्ली के लिए अलग समर शेड्यूल शुरू करने के प्रयास भी तेज किए गए हैं। गर्मियों में हवाई सेवा की शुरुआत जैसलमेर के पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को नया आयाम देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पोकरण. क्षेत्र के भणियाणा गांव में जनगणना को लेकर प्रगणकों व सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। तीन दिवसीय शिविर के दूसरे दिन शनिवार को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। क्षेत्रीय प्रशिक्षक अभिमन्युसिंह ने एचएलओएप के प्रश्न संख्या 1 से 16 और अकरमखां ने प्रश्न संख्या 17 से 34 की संकल्पना व परिभाषाओं के बारे में विस्तृत से जानकारी दी। शनिवार को भणियाणा तहसीलदार दलजीत आलोरिया ने प्रशिक्षण शिविर का निरीक्षण किया और प्रशिक्षणार्थियों को आवश्यक जानकारियां दी। उन्होंने आमजन से 15 मई तक स्वगणना फार्म भरने की अपील की। इस मौके पर अतिरिक्त जनगणना अधिकारी भंवराराम, सुरेशकुमार, अचलाराम आदि उपस्थित रहे।