जैसलमेर में राज्य सरकार के जनकल्याणकारी अभियान के तहत नगर विकास न्यास की ओर से 15 जुलाई तक शहरी सेवा शिविर-2026 आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में पट्टा, नामांतरण, लीज, भू-उपयोग परिवर्तन सहित विभिन्न लंबित प्रकरणों का मौके पर त्वरित निस्तारण किया जाएगा। साथ ही नागरिकों को विभिन्न शुल्कों में विशेष छूट और रियायतों का भी लाभ मिलेगा।

जैसलमेर. राज्य सरकार के जनकल्याणकारी अभियान के तहत15 जुलाई तक नगर विकास न्यास जैसलमेर की ओर से शहरी सेवा शिविर-2026 आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में पट्टा, नामांतरण, लीज, लीज होल्ड से फ्री होल्ड परिवर्तन, भू-उपयोग परिवर्तन, उप-विभाजन तथा अन्य लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। साथ ही विभिन्न शुल्कों में विशेष छूट और रियायतों का लाभ भी नागरिकों को मिलेगा।
नगर विकास न्यास के सचिव सुखाराम पिण्डेल ने बताया कि शिविरों का उद्देश्य आमजन को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत देना और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है। प्रत्येक शिविर में संबंधित अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जिससे प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण हो सके। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 तक की बकाया लीज राशि एकमुश्त जमा कराने वाले आवंटियों को ब्याज में 100 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है। इससे लंबे समय से लंबित लीज प्रकरणों का निस्तारण तेज होगा और आवंटियों को आर्थिक राहत मिलेगी। शिविरों में लीज होल्ड संपत्तियों को फ्री होल्ड में परिवर्तित कराने पर निर्धारित शर्तों के अनुरूप बकाया लीज राशि में 60 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। वहीं नामांतरण (म्यूटेशन) प्रकरणों में 50 प्रतिशत शुल्क छूट के साथ निस्तारण की समय-सीमा भी कम की गई है, ताकि आवेदकों को शीघ्र राहत मिल सके।
अभियान के दौरान पात्र नागरिकों को रियायती दरों पर पट्टे जारी किए जाएंगे। कृषि भूमि पर विकसित कॉलोनियों के नियमितीकरण, कच्ची बस्तियों के पात्र निवासियों को स्वामित्व अधिकार उपलब्ध कराने तथा वर्षों से लंबित प्रकरणों के समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। भू-उपयोग परिवर्तन, उप-विभाजन और पुनर्गठन से जुड़े मामलों में भी विभिन्न श्रेणियों के अनुसार विशेष छूट प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा अधिकांश प्रकरणों का निस्तारण ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। नामांतरण, लीज होल्ड से फ्री होल्ड, अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) और उप-विभाजन जैसे मामलों में प्रक्रिया को सरल बनाकर पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाएगी।.शिविरों में केवल संपत्ति और राजस्व संबंधी मामलों का ही समाधान नहीं होगा, बल्कि सड़क, नाली, पार्क, सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था, सफाई तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का भी मौके पर निस्तारण किया जाएगा।