जैसलमेर

पानी की तलाश में भटकता पशुधन, प्यास पहुंचा रही मौत के पास

पश्चिमी राजस्थान के लाठी क्षेत्र में अकाल और जलसंकट के कारण जलस्रोत सूखने से मवेशी पानी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। प्यासी गायें तालाबों में जमा दलदल में फंसकर लगातार अपनी जान गंवा रही हैं, जिससे पशुपालकों और गौभक्तों में चिंता बढ़ गई है। रूगेरी गांव के तालाब में तीन गोवंश की मौत और कई पशुओं के घायल होने की घटना ने क्षेत्र में गहराते इस संकट को उजागर कर दिया है।
2 min read
• •
Updated: 26 Oct 2026, 6:25 PM IST
jaisalmer news lathi
पानी की तलाश में भटकता पशुधन, प्यास पहुंचा रही मौत के पास सूखे जलस्रोत और बंद जलापूर्ति के बीच पशुधन पर गहराता संकट, तालाबों की दलदल बन रही जानलेवा

लाठी। पश्चिमी राजस्थान में अकाल और पानी की कमी का संकट अब पशुधन के लिए जानलेवा साबित होने लगा है। गांवों के पारंपरिक जलस्रोत सूखने और पशुओं के लिए नियमित जलापूर्ति नहीं होने से मवेशी पानी की तलाश में दूर-दूर तक भटक रहे हैं। प्यास बुझाने के लिए तालाबों तक पहुंच रहे पशु कई जगह दलदल में फंसकर मौत का शिकार हो रहे हैं।शनिवार को भी लाठी क्षेत्र के रूगेरी गांव में भोजराज सिंह की ढाणी के समीप तालाब में पानी पीने पहुंचे गोवंश के दलदल में फंसने की घटना ने हालात की गंभीरता उजागर कर दी। यहां तीन गोवंश की मौत हो गई, जबकि कई पशु घायल हुए। सूचना पर गौभक्त मौके पर पहुंचे और दलदल में फंसे पशुओं को बाहर निकालकर उपचार के लिए भादरिया गौशाला पहुंचाया। धोलिया, खेतोलाई और चाचा क्षेत्र के तालाबों में भी दलदल के कारण पशुओं के फंसने का खतरा बना हुआ है।

प्यास बुझाने के लिए जोखिम भरी राह

सामाजिक कार्यकर्ता आईवीर सिंह पातावत ने बताया कि सूखे के कारण प्राकृतिक जलस्रोतों में पानी लगातार घट रहा है। पशुधन की संख्या अधिक होने से उपलब्ध जलस्रोत नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में प्यासे पशु तालाबों और जलभराव वाले स्थानों तक पहुंच रहे हैं, जहां दलदल उनके लिए मौत का जाल बन रहा है।

निजी खर्च पर पानी जुटा रहे पशुपालक

कामधेनु सेना के खेतोलाई ग्राम प्रभारी नीम्बाराम विश्नोई ने बताया कि कई गांवों में पशुपालकों को निजी स्तर पर टैंकर मंगवाकर पशुओं की प्यास बुझानी पड़ रही है। पशुपालकों का कहना है कि समय रहते पशु खेलियों, कुंडों और टांकों को नियमित भरने की व्यवस्था नहीं हुई तो संकट और गहरा सकता है।पशुपालक रणवीर सिंह भाटी, हाथीसिंह भाटी, कुम्पसिंह, देवीसिंह राठोड़, जीवराज सिंह, मोयब खां और नेमीचंद दर्जी ने प्रशासन से सूखे तालाबों में पानी भरवाने, सार्वजनिक पशु जलस्रोतों को नियमित भरने तथा जरूरत वाले क्षेत्रों में टैंकरों से जलापूर्ति शुरू करने की मांग की है।

रोडवेज बसों की कमी से ग्रामीणों को हो रही परेशानी

पोकरण क्षेत्र में रोडवेज बसों की कमी के कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। भणियाणा क्षेत्र के बांधेवा, राजमथाई, खेलाना, भैंसड़ा, बेतीना, जालोड़ा, जैमला, तेलीवाड़ा आदि आदि गांवों में रोडवेज बसों की सुविधा नहीं है। ऐसे में क्षेत्र के ग्रामीणों को निजी व अवैध बसों से महंगा किराया देकर सफर करना पड़ रहा है। इसके साथ ही दिव्यांगों को नि:शुल्क और महिलाओं, वृद्धजनों को 50 प्रतिशत छूट के सफर का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उन्हें परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने इन क्षेत्रों में रोडवेज बसों के संचालन की व्यवस्था करने की मांग की है।

Updated on:
26 Oct 2026, 6:25 PM IST
Published on: