विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को जिला पर्यावरण समिति, राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल व वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को जिला पर्यावरण समिति, राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल व वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शुरुआत में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित नाटक व नृत्य प्रस्तुत किए। इसके बाद निबंध, चित्रकला, क्विज़ और भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को शील्ड व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में एकल उपयोगी प्लास्टिक का बहिष्कार करने की शपथ दिलवाई गई और उपस्थित विद्यार्थियों व जनसमूह को जूट से बने थैले वितरित किए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव किशोर कुमार तालेपा ने भारतीय संस्कृति को पर्यावरण के अनुकूल बताते हुए पारंपरिक जल स्रोतों की शुद्धता बनाए रखने की अपील की।
वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी जगदीश राम बिश्नोई ने प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने के लिए ठोस संकल्प की आवश्यकता बताई। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी शंकरसिंह उदावत ने बढ़ते तापमान को गंभीर चुनौती बताते हुए विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधेरोपण करने का आग्रह किया और पर्यावरण मित्र जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया।
इस मौके पर परिंडे लगाए गए और पौधरोपण भी किया गया। कनिष्ठ पर्यावरण अभियंता सत्यवीर बैगड़ और प्रेम कुमार पालीवाल ने केंद्र सरकार की सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध की जानकारी देते हुए दोबारा शपथ दिलवाई और जूट बैग वितरित किए। कार्यक्रम में प्रदीप कुमार, स्काउट गाइड सीईओ कृतिका पाराशर, पूर्व प्राचार्य अशोक तंवर, वन विभाग व पर्यावरण मंडल के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थी मौजूद रहे। मंच संचालन मुकेश हर्ष ने किया।