
जैसलमेर। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में ग्रामीण क्षेत्र में सामूहिक नकल पर एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। विश्वविद्यालय की फ्लाइंग स्क्वॉड ने जैसलमेर जिले के श्री करणी महाविद्यालय, कजोई परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर दोपहर की पारी में 93 परीक्षार्थियों को सामूहिक नकल करते पकड़ा। इस दौरान बीए सैकंड सेमेस्टर हिंदी साहित्य की परीक्षा चल रही थी।
सबसे गंभीर बात यह रही कि जांच में सामने आया कि परीक्षा कक्ष में तैनात वीक्षक ही विद्यार्थियों को उत्तर डिक्टेट करवा रहे थे। पूरे घटनाक्रम की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से भी हुई है। गौरतलब है कि यह इस सत्र में दूसरी बार है, जब विश्वविद्यालय की फ्लाइंग ने सामूहिक नकल का मामला उजागर किया है।
विश्वविद्यालय की फ्लाइंग टीम में प्रो. अमन सिंह सिसोदिया, डॉ. सुरेश चौधरी, डॉ. ललित झाला और डॉ. गौरव जैन शामिल थे। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान टीम ने परीक्षा कक्ष में अनियमितताएं देखी। जैसलमेर के कजोई परीक्षा केंद्र पर एक बड़े हॉल में बैठे विद्यार्थी नकल रहे थे और सामने खड़ा वीक्षक उन्हें बोल-बोल कर उत्तर लिखवा रहा था। इसके बाद फ्लाइंग ने उत्तर-पुस्तिकाएं जांची, जिसमें अधिकांश विद्यार्थियों के उत्तर, लेखनी और प्रस्तुतिकरण लगभग एक जैसे मिले।
फ्लाइंग आने की सूचना के दौरान वीक्षक और परीक्षार्थी सतर्क हो गए थे लेकिन फ्लाइंग के मामला पकड़ने पर वीक्षक अड़ गया कि ऐसा नहीं है। तब परीक्षा कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे चैक किए तब वीक्षक और परीक्षार्थियों की पोल खोल खुल गई। फ्लाइंग स्क्वॉड ने मौके पर ही सभी 93 परीक्षार्थियों के खिलाफ सामूहिक नकल का प्रकरण दर्ज कर लिया।
सभी परीक्षार्थियाें को काम करने के लिए दूसरी उत्तर पुस्तिका दी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर चोट मानते हुए विस्तृत प्रतिवेदन तलब किया है। संबंधित वीक्षकों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विश्वविद्यालय परीक्षा की शुचिता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। विश्वविद्यालय "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत कार्य कर रहा है और नकल अथवा परीक्षा की पवित्रता को प्रभावित करने वाले किसी भी कृत्य के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
-प्रो. पवन कुमार शर्मा, कुलगुरु, जेएनवीयू जोधपुर