
पैगाम-ए-इंसानियत विषय पर हुआ इजलास
पोकरण . स्थानीय मदरसा इस्लामिया दारूल उलूम में रविवार रात को मदरसा इस्लामिया दारूल उलूम अंकलेश्वर गुजरात के शेख उल हदीश मौलाना अल्लामा रफीक अहमद के मुख्य आतिथ्य में पैगाम-ए-इंसानियत विषय पर सालाना इजलास हुआ। मौलाना मोहम्मद मारूफ बड़ली की अध्यक्षता, मदरसे के मोहतमीम व जमीअत उलमा-ए-हिन्द के प्रदेशाध्यक्ष कारी मोहम्मद अमीन के सान्निध्य, पूर्व विधायक मोहम्मद के विशिष्ट आतिथ्य में हुए इजलास में मुख्य अतिथि मौलाना अल्लामा रफीक अहमद ने कहा कि इस्लाम में दहशतगर्दी व आतंकवाद को कोई स्थान नहीं है। क्योंकि इस्लाम के सबसे मुख्य व पाक ग्रंथ कुरआन में सभी व्यक्तियों, जीव जंतुओं से प्रेम करने का पैगाम दिया गया है। मनुष्य अल्लाह की सबसे सुंदर कृति है। मानव, जीव जंतु, पानी, हवा, पेड़ पौधे व सभी वस्तुएं अल्लाह की अमानत है। उन्हें बनाने का अधिकार अल्लाह को है, तो खत्म करने का अधिकार भी उसी को है। मोहम्मद साहब का पैगाम मानने वाले कभी आतंकवादी नहीं हो सकते। दहशतगर्द इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मासूमों व बेगुनाहों का कत्ल करने वाले इस्लाम के अनुयायी नहीं हो सकते।
हिन्दुस्तान सबसे अजीम मुल्क
मौलाना अहमद ने कहा कि हिन्दुस्तान दुनिया का सबसे वह अजीम मुल्क है, जहां विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ मिलकर मोहब्बत के साथ रहते हैं। मुसलमान यहां सबसे ज्यादा महफूज है। उन्होंने कहा कि धर्म निरपेक्षता इस मुल्क की खूबसूरती है। कुछ ताकतें धर्म, जाति व मजहब के नाम पर लोगों को बांटने में लगी हुई है, लेकिन उनके मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। झगड़े व फसाद से किसी कौम या मुल्क का भला नहीं हुआ है। मौलाना ने नफरत के तीर चलाने वालों के सामने झुककर बचाव की बात कही। उन्होंने कहा कि अकडकऱ खड़े रहने वाले को तीर लगेगा, लेकिन कोई झुक जाएगा, तो तीर चलाने वाला रहम दिल होकर गले लगा लेगा। उन्होंने मुसलमानों से इस्लाम के उसूलोंं, कुरआन में बताए मार्गों पर चलकर प्रतिदिन पांच वक्त नमाज अदा करने, रोजा रखने, जकात व खैरात निकालने, हज करने का आह्वान किया। मदरसा इस्लामिया के मुफ्ती अब्दुल सलाम इंदौरी ने मुल्क के गौरवशाली इतिहास, यहां की गंगा, जमुना तहजीब पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मोहम्मद फारुख चांदनी, मोहम्मद हुजेखां केरावा, मोहम्मद कफील थाट, असअद माणकलाव व मुफ्ती फजलूदीन ने तकरीर पेश की। कारी मोहम्मद अमीन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।