जैसलमेर

कहीं लाखों लीटर व्यर्थ बहा पानी,कहीं गंदे पानी की आपूर्ति,देखें तस्वीरें…

कस्बे से 22 किमी दूर जैसलमेर रोड स्थित काणोद गांव के पास बुधवार को एक पाइप लाइन के वॉल्व से लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह गया। इस दौरान वॉल्व से छूटा फव्वारा करीब तीस फीट की ऊंचाई तक नजर आया।
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Nov 29, 2018
jaisalmer
कहीं लाखों लीटर व्यर्थ बहा पानी,कहीं गंदे पानी की आपूर्ति,देखें तस्वीरें...

मोहनगढ. कस्बे से 22 किमी दूर जैसलमेर रोड स्थित काणोद गांव के पास बुधवार को एक पाइप लाइन के वॉल्व से लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह गया। इस दौरान वॉल्व से छूटा फव्वारा करीब तीस फीट की ऊंचाई तक नजर आया। यहां से गुजर रहे वाहन चालक व राहगीर पानी के फव्वारे को देखते रहे व कई लोग फव्वारे के साथ सेल्फी भी लेने लगे। काणोद गांव से लगभग एक किमी पहले बाड़मेर के लिए जाने वाली पाइप लाइन में से काफी देर तक पानी बहता रहा। हालांकि जिले के कई गांवों में पानी की समस्या है लेकिन बाड़मेर, जैसलमेर सहित अन्य स्थानों के लिए जाने वाली पाइप लाइन से लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पाइप लाइन पर लगे एक वॉल्व में से आए दिन पानी व्यर्थ बहता रहता था। वॉल्व को दुरूस्त करने के लिए संबंधित कंपनी के कर्मचारियों की ओर से वॉल्व को खोलकर पाइप लाइन को खाली किया गया है।

मटमैले पानी की आपूर्ति ?
मोहनगढ़. कस्बे के उतरी हिस्से में जलदाय विभाग की ओर से पिछले दो महीने से मटमैले पानी की आपूर्ति लोहिया पाड़ा व आसपास के मोहल्लों में होने की शिकायत सामने आ रही है। ऐसे में ग्रामीण विभिन्न बीमारियों के शिकार हो रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि जलदाय विभाग को अवगत कराने के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। कस्बे को बाड़मेर की पेयजल योजना से जोडऩे के बावजूद भी शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। जलदाय विभाग कर्मचारी अगर सिंह ने बताया कि पाइप लाइन में लीकेज होने से पानी में मिट्टी आ रही होगी।

हो रही गंदे पानी की आपूर्ति
पोकरण. कस्बे के तिरुपतिनगर में गत चार दिनों से जलदाय विभाग की ओर से दुर्गन्धयुक्त पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। मंगलवार की रात्रि में जलदाय विभाग की ओर से जलापूर्ति की गई, जो लोगों के टांकों में चले जाने के कारण टांकों में गंदा पानी जमा हो गया। यहां के निवासियों ने सुबह उठकर देखा, तो टांकों से बदबू आ रही थी तथा गंदा पानी जमा था। ऐसे में लोगों को मोटरपंप लगाकर टांकों को खाली करना पड़ा तथा उनकी सफाई कर टैंकरों से साफ पानी भरवाना पड़ा, जिससे उन्हें परेशानी हुई।

Published on:
29 Nov 2018 05:45 pm