जैसलमेर के नाचना क्षेत्र से पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी के आरोप में गिरफ्तार मुश्ताक से जयपुर में संयुक्त जांच एजेंसियां गहन पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ में उसके पाकिस्तान स्थित रिश्तेदार के माध्यम से आईएसआई हैंडलर से संपर्क, ब्रेनवॉश और जासूसी के एवज में फंडिंग मिलने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है। फिलहाल पांच दिन के पुलिस रिमांड पर चल रही पूछताछ में एजेंसियां उसके नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और साझा की गई सामरिक सूचनाओं की विस्तृत पड़ताल में जुटी हैं।

जैसलमेर. कुछ दिन पहले जैसलमेर के सीमावर्ती नाचना क्षेत्र से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़े गए मुश्ताक से जयपुर में एजेंसियों की ओर से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार इस पूछताछ में मुश्ताक ने कई चौंकाने वाली जानकारियां साझा की है। जिसके अनुसार पाकिस्तान में रहने वाले उसके रिश्ते में भाई नजीर ने उसका ब्रेनवॉश किया और पाकिस्तान में आइएसआइ के हैंडलर खालिद से उसका सोशल मीडिया के जरिए परिचय करवाया। आइएसआइ के लिए जासूसी करने के बदले मुश्ताक को अब तक 30 हजार रुपए की फंडिंग की गई है और बताया जाता है कि यह राशि उसे भारतीय बैंक खातों के माध्यम से मिली। गौरतलब है कि वह जैसलमेर सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल के वाहनों की आवाजाही, रणनीतिक पुलों और सामरिक लिहाज से बेहद संवेदनशील सडक़ों की वीडियो-तस्वीरें वाट्सएप के जरिए पाकिस्तान भेज रहा था। मुश्ताक को न्यायालय ने 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है, जहां संयुक्त पूछताछ टीम उससे पूछताछ कर रही है।
एजेंसियों की पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि आइएसआइ का हैंडलर खालिद भारत में केवल उन्हीं लोगों को निशाना बनाता है, जिनके रिश्तेदार पाकिस्तान में रह रहे हैं। मुश्ताक की मौसी और बुआ का परिवार पाकिस्तान में है। मुश्ताक के चचेरे भाई नजीर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से दो साल तक उससे लगातार बातचीत कर उसका माइंडवॉश किया। जब मुश्ताक उसके प्रभाव में आ गया, तो नजीर ने उसकी बात मुख्य हैंडलर खालिद से कराई और उसे पैसों का लालच देकर जासूसी के दलदल में धकेल दिया। जानकारी के अनुसार खुफिया एजेंसियां उन खातों की पड़ताल में जुट गई है, जिनसे मुश्ताक को फंडिंग की गई। गौरतलब है कि मुश्ताक अली का खारिया गांव भारत-पाकिस्तान सीमा के बेहद समीप है। एजेंसी की टीम उसे साथ लेकर उन तमाम रास्तों, पुलों और सैन्य ठिकानों पर जा रही है, जहां से उसने वीडियो बनाए थे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस जासूसी रैकेट में मुश्ताक के कोई मददगार भी थे या नहीं और वे यह मदद अनजाने में कर रहे थे या जानबूझकर।
पोकरण कस्बे के भवानीपुरा में स्थित दो मकानों में चोरी की वारदात सामने आई है। भवानीपुरा निवासी देवीसिंह व डूंगरसिंह अपने परिवार के साथ गांव गए हुए थे। शुक्रवार को जब वापिस आए तो ताले टूटे हुए थे। अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा पड़ा था। चोर नकदी, कुछ आभूषण सहित अन्य सामान चोरी कर ले गए। सूचना पर सहायक उपनिरीक्षक धन्नाराम विश्नोई पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और मौका मुआयना कर जांच शुरू की।