- पोकरण क्षेत्र में लगातार दो मामले उजागर- सुरक्षा में सुराख से बढ़ी आशंकाएं
पोकरण. भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सरहदी जैसलमेर जिले में जासूसी की विषबैल पनपती जा रही है। रेतीली जमीन में जासूसी की जड़ें भी गहरी होती जा रही है। गौरतलब है कि जिले में आए दिन हनीट्रेप के मामलों में लोग आइएसआइ के जाल में फंस रहे है, तो जिले में स्लीपर सैल के रूप में भी कार्य कर रहे है। परमाणु परीक्षण के बाद विश्व मानचित्र पर उभरे पोकरण क्षेत्र में आए दिन ऐसे संदिग्ध व्यक्ति पकड़े जा रहे है। सुरक्षा एजेंसियां इस क्षेत्र में सक्रीय होकर कार्य कर रही है तथा ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर रही है, लेकिन इनकी विषबैलें इतनी गहरी है कि एक के बाद एक मामले सामने आते जा रहे है। इस क्षेत्र में आइएसआइ नजरें जमाए हुए है। आइएसआइ के एजेंटों की ओर से लालच देकर अथवा डरा धमकाकर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए स्थानीय लोगों को तैयार कर रहे है। दो दिन पूर्व चांधन क्षेत्र से स्लीपर सैल के आरोप में पकड़े गए एक व्यक्ति की कड़ी जुड़ते हुए फलसूण्ड क्षेत्र से भी एक व्यक्ति को पकड़ा गया है। जिससे पूछताछ की जा रही है। ऐसे में जासूसी के जाल का जख्म फिर हरा हो गया है तथा क्षेत्र की सभी सुरक्षा एजेंसियों को फिर अलर्ट कर दिया है।
एक फोन और डूब जाते है दलदल में
आए दिन फोन कर या सोशल साइट पर महिला मित्र के झांसे में लेकर जानकारियां हासिल करने का आइएसआइ का पैतरा सुर्खियों में रहता है। महिला के माध्यम से, कभी प्रेम तो कभी अपार धन देने का लालच देकर झांसे में लेने का खेल लगातार जारी है। इस खेल में लालच के दलदल में कई लोग फंस रहे है, तो कोई अज्ञानता का शिकार भी हो रहे है।
पोकरण क्यों है नजर में
- पोकरण में देश की बड़ी फिल्ड फायरिंग रेंज स्थित है। यहां वर्षभर देश के विभिन्न हिस्सों से सेना की बटालियनें आती हैै और युद्धाभ्यास करती है।
- फिल्ड फायरिंग रेंज में थल व वायु सेना की ओर से युद्धाभ्यास के साथ नई तकनीक से बनने वाली तोफ, गोले, नए लड़ाकू विमानों, टैंक, मिसाइलों आदि का परीक्षण भी यहीं होता है।
- पोकरण कस्बे में सेना व सीमा सुरक्षा बल की स्थायी बटालियनें भी रहती है। जिनमें सैंकड़ों सैनिक व जवान रहते है।
- पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में दो बार परमाणु परीक्षण भी हो चुके है। इस कारण यह क्षेत्र महत्वपूर्ण माना जाता है।
पूर्व में पकड़े गए आरोपी
- वर्ष 2015 में एक पटवारी पाकिस्तान को गुप्त सूचनाएं भेजते पकड़ा गया।
- जनवरी 2021 में लाठी निवासी व्यक्ति हनीट्रेप के जाल में फंसा।
- जुलाई 2021 में पोकरण का एक युवक सेना से संबंधित सूचनाएं पाकिस्तान को भेजता पकड़ा गया।
- नवंबर 2019 में हनीट्रेप के मामले में दो सैनिक पकड़े गए।