विश्वप्रसिद्ध जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग के चारों ओर अब एक आकर्षक हेरिटेज वॉकवे बनेगा।
विश्वप्रसिद्ध जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग के चारों ओर अब एक आकर्षक हेरिटेज वॉकवे बनेगा। नगरपरिषद की ओर से उक्त महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 47.78 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया है। योजना का उद्देश्य किले के आस-पास के क्षेत्र को न केवल सौंदर्य की दृष्टि से निखारना है, बल्कि इसे आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से भी जोडऩा है, ताकि यहां आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों को बेहतर अनुभव मिल सके। जानकारी के अनुसार यह वॉकवे नीरज चौराहा से शुरू होकर शिव रोड, गोपा चौक और रिंग रोड होते हुए पूरे किले को घेरेगा। इस पूरे मार्ग पर जैसलमेर की पहचान बने स्थानीय पीले पत्थर के कोबल्स (कच्चे फर्शी पत्थर) बिछाए जाएंगे, जिससे पूरा क्षेत्र अपनी पारंपरिक आभा के साथ चमकेगा। इन कोबल्स पर गोल्फ कार्ट चलाने की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि पर्यटक बिना वाहन धुएं और शोर के किले की परिक्रमा का आनंद ले सकें। योजना के तहत वॉकवे के दोनों ओर जैसलमेरी पत्थर से निर्मित पैदल पथ (फुटपाथ) बनाए जाएंगे। इन पर पर्यटक सुरक्षित रूप से चल सकेंगे और रास्ते भर जैसलमेर की स्थापत्य शैली की झलक देख पाएंगे।
नगरपरिषद के कनिष्ठ अभियंता सुशील यादव ने बताया कि परियोजना में सौंदर्यीकरण के साथ-साथ सुविधाओं के उन्नयन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। मार्ग के विभिन्न स्थानों पर महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों के लिए आधुनिक सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे। यह पहल जैसलमेर को स्वच्छ और सुलभ पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। परियोजना में दो स्थानों पर फूड कार्ट जोन भी विकसित किए जाएंगे, जहां स्थानीय व्यंजन और विभिन्न स्नैक्स उपलब्ध रहेंगे। पूरी वॉकवे परियोजना में ऑर्नामेंटल लाइटिंग लगाई जाएगी, जिससे रात के समय भी यह क्षेत्र सुनहरी रोशनी से जगमगाएगा और पर्यटक रात्रिकालीन भ्रमण का भी आनंद उठा सकेंगे। नगरपरिषद की योजना है कि रास्ते में विभिन्न स्थानों पर बैठने की आकर्षक व्यवस्था की जाएगी, जिससे पथिक, बुजुर्ग या सैलानी सुस्ता सकें और दुर्ग व शहर के दृश्यों का आनंद ले सकें। बैठने की बेंच और पत्थर की संरचनाएं भी जैसलमेरी स्थापत्य कला की शैली में ही बनाई जाएंगी, जिससे क्षेत्र की ऐतिहासिक छवि बनी रहे।
माना जा रहा है कि हेरिटेज वॉकवे बनने के बाद यह क्षेत्र सस्टेनेबल टूरिज्म (सतत पर्यटन) का उत्कृष्ट उदाहरण बन सकेगा। यहां पारंपरिक सौंदर्य, स्वच्छता, पर्यावरण-संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। साथ ही गोल्फ कार्ट जैसी इको-फ्रेंडली व्यवस्था से किले के आसपास वाहनों की भीड़ और प्रदूषण में कमी आएगी। जानकारी के अनुसार यह कार्य मुख्यमंत्री बजट घोषणा की कड़ी में करवाया जा रहा है। पर्यटन से जुड़े लोगों की ओर से नगरपरिषद की इस पहल का स्वागत किया गया है। होटल व्यवसायी मनोज कुमार का कहना है कि हेरिटेज वॉकवे बनने से सोनार दुर्ग क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा। वहीं रेस्टोरेंट संंचालक जसवंतसिंह के अनुसार इससे जैसलमेर की ऐतिहासिक धरोहर को एक नई पहचान मिलेगी और शहर का पर्यटन मानचित्र और अधिक आकर्षक बनेगा।
नगरपरिषद प्रशासन की ओर से हेरिटेज वॉक-वे का समूचा काम एक साल में करवाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत पूरे मार्ग की सारी इलेक्ट्रिकल वायरिंग भूमिगत करवाई जाएगी। साथ ही पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों का प्रावधान किया गया है। जिससे पर्यटकों सहित शहर के मुख्य हिस्से की सुरक्षा व्यवस्था का ढांचा भी मजबूत हो सकेगा।
उक्त महत्वाकांक्षी कार्य के पूर्ण होने से सोनार दुर्ग के चारों ओर का क्षेत्र न केवल सैलानियों के लिए बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी मनोरम व आधुनिक हेरिटेज जोन बन जाएगा। यह परियोजना शहर की स्वर्णिम पहचान को निखारने वाली योजना साबित होगी।