
फलसूण्ड. जिले के अंतिम छोर पर बसे सघन आबादी क्षेत्र वाले गांव फलसूण्ड में दमकल वाहन नही होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के फलसूण्ड थाना क्षेत्र में 13 ग्राम पंचायत है और राजमथाई, बांधेवा नलकूप क्षेत्र होने के कारण यहां भीड़-भाड़ अधिक रहती है। फलसूण्ड में छोटी व बड़ी दुकानें 200 से अधिक है। अधिक आबादी ढाणियों व अपने खेतों पर रहती है, जो अपना घर घास-फूस या कच्चा बनाते है, जिसमे हर समय खतरा आग लगने की आशंका बनी रहती है। दीपावली पर्व में होने वाली आतिशजाबी के दौरान कोई भी चिंगारी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। आग पर काबू पाने के लिए दमकल का इंतजार करना पड़ता है।
हादसों के बाद भी नही चेता विभाग
क्षेत्र में एक साल में दर्जनों आग लगने की घटनाएं हुई है, फिर भी विभाग चेता नहीं है। क्षेत्र में कही भी आग लगने की घटना होती है तो पोकरण से दमकल आती है। जब तक दमकल पहुंचती है, तब तक सब कुछ जलकर राख हो जाता है। आग लगने घटना होने पर ग्रामीण टेंकरों से पानी डाल कर आग पर काबू पाते है। क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों ने भी दमकल की मांग की है, लेकिन कोई समाधान नही हुआ।
उपतहसील पर होने चाहिए प्रबंध
गांव में आग लगने की घटना होती है तो समय पर दमकल नही आ पाती है। इसलिए उपतहसील पर दमकल होना चाहिए या आग बुझाने के प्रबंध किए जाने चाहिए।
-हजारी कुमावत, निवासी भुर्जगढ़
अग्निकांड रोकने की हो प्रभावी व्यवस्था
फलसूंड बड़ क्षेत्र है और अधिकांश लोग ढाणियों में रहते है। यदि कहीं आग लगने की घटना होती है तो उसको रोकने व पीडि़त को राहत दिलाने की व्यवस्था होनी चाहिए।
-गोपाल सिंह निवासी रावतपुरा
दीपावली पर्व पर उपखण्ड या उपतहसील पर दमकल वाहन की व्यवस्था होनी चाहिए। समय पर आग को नियंत्रण करने के लिए जिम्मेदारों को माकूल प्रबंध करने की जरूरत है।
-राजूराम निवासी हेमसागर।
..ताकि भविष्य में न हो हादसा
क्षेत्र में दकमल वाहन बहुत अधिक जरूरत है। यहां के जनप्रतिनिधियों को इसकी मांग जिले व सरकार तक रखनी चाहिए। भविष्य में ऐसी घटना नही हो इसके लिए लोगों नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूक करना भी चाहिए।
-भुरदान निवासी कजोई।